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उत्तर प्रदेश कृत्रिम बरसात दो अंतिम बुलन्दशहर

सिंचाई मंत्री ने कहा कि योगी सरकार गांव किसान के उत्थान विकास व समस्याओं के समाधान को सर्मपित है। 2022 तक किसानों की आय दो गुनी करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प को पूरा करने के लिए सिंचाई विभाग ने गत 17 महीनों में अनेक क्रांतिकारी कार्य व योजनाएं बनायी हैं। उन्होंने कहा कि सरयू नहर, मध्य गंगा नहर, बांडसागर नहर व अर्जन सहायक परियोजना जिनकी शुरूआत पीएमकेएसवाई के तहत की गई थी। सपा सरकार में बन्द हो गईं इन चारों योजनाओं को योगी सरकार ने शुरू किया है।
श्री सिंह ने कहा कि वर्ष 2017-18 में इसके लिए 1410 करोड़ व 2018-19 में 4210 करोड़ रूपये का प्रावधान कर दिसम्बर 2019 तक योजनाओं को पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है इसमें से बांड़सागर परियोजना का लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी कर चुके हैं। श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश का बुन्देलखण्ड क्षेत्र में पानी की बेहद कमी है बुन्देलखण्ड के साथ विंध्याचांल के तीन जिले सर्वाधिक प्रभावित रहते हैं। पानी की कमी दूर करने के उद्देश्य से केन-वेतवा नदी जोड़ों परियोजना शुरू की है जिसके तहत मध्यप्रदेश से वेतवा नदी को 20 प्रतिशत पानी मिलेगा।
उन्होंने बताया कि नहरों का पानी सिंचाई वास्ते किसानों को सुगमतापुर्वक मिले इसके लिए सहभागी प्रबंधन व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की है। जिसके तहत रजवाहा, कुलावा और अल्पिका समिति गठित होंगी। प्रत्येक समिति में 11 सदस्य होंगे जिसका चुनाव संबंधित क्षेत्र के किसान करेंगे। समिति गठन के बाद पानी का पूरा प्रबंध किसानों के हाथ में रहेगा, जो बारबंदी तय करेंगे। पूरे कार्य की देखरेख सिंचाई विभाग के जिम्मे होगी। श्री सिंह ने दावा किया कि समितियों के निर्वाचन का काम दिसम्बर 2018 तक पूर्ण किया जायेगा।
श्री सिंह ने कहा कि प्रदेश में अति पिछड़ी जाति जिसमें लोधी राजपूत, मल्ला, निसाद, मथुरिया, केवट जैसे वर्ग शामिल हैं और जिनका कुल वोट प्रतिशत में 15 प्रतिशत की हिस्सेदारी है इन सभी वर्गों को एकजुट करने के उद्देश्य से लखनऊ में अक्टूबर मास में अति पिछड़ा वर्ग सम्मेलन आयोजित होगा। जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नागरिक अभिनन्दन भी किया जायेगा।
सं तेज
वार्ता
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