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पुलिस प्रताड़ना के खिलाफ जीजेएम का प्रदर्शन

दार्जिलिंग/ नयी दिल्ली 09 सितंबर (वार्ता) पिछले एक साल से शांत रहने के बाद गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल सरकार और पुलिस प्रताड़ना के खिलाफ रविवार को दिल्ली में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी ‘दार्जिलिंग में लोकतंत्र बचाओ, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, तेराई और डूअर्स में पुलिस प्रताड़ना बंद करो’ जैसे नारे लगा रहे थे। मोर्चा के नेताओं ने ‘लोकतांत्रिक तरीके से गोरखालैंड की मांग को लेकर उठने वाली आवाजों को क्रूर तरीके से दबाने’ का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल कर के गोरखालैंड राज्य के लिए आवाज उठाने वाले लोगों के खिलाफ पश्चिम बंगाल पुलिस बड़े पैमाने पर क्रूरता कर रही है और उन्हें प्रताड़ित और यातना देने के लिए ‘क्रूर’ बलों का उपयोग किया जा रह है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा, “दार्जिलिंग, तेराई और डूअर्स में शांति नहीं है। निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है और गोरखालैंड की मांग करने वाले लोगों के घरों को जलाया जा रहा है। पुलिस उन लोगों के परिवार के सदस्यों को परेशान कर रही है, जिन्हें वह मौजूदा गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) बोर्ड और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के खिलाफ मानती हैं। यहां तक कि मौजूदा शासन के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले लोगों भी गिरफ्तार किया जा रहा है। हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में तानाशाही की स्थिति में रह रहे हैं और हम अपने देशवासियों का ध्यान इस मूल तथ्य पर आकर्षित करना चाहते हैं।”
प्रदर्शनकारी दार्जिलिंग, तेराई और डूअर्स क्षेत्र में भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं होने की बात को दर्शाने के लिए काले मुखौटों से अपने मुंह ढंके हुए थे।
संतोष.संजय
वार्ता
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