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राज्य


राष्ट्रीय- लीड दिवस पंत दो अंतिम लखनऊ/जौनपुर

इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, ग्राम्य विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 महेन्द्र सिंह, लखनऊ की महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया, अपर मुख्य सचिव सचिवालय प्रशासन महेश कुमार गुप्ता सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
जौनपुर मे हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी व लक्ष्मीबाई ब्रिगेड के कार्यकर्ताओ ने शहीद स्मारक पर महान स्वतंत्रता सेनानी श्री पंत के चित्र पर माल्यार्पण किया और उनके व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर प्रकाश डाला। उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत का जन्म उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले के खूंट गांव मे 10 सितंबर 1887 को हुआ था।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1909 में कानून की परीक्षा पास की और काकोरी काण्ड के मुकदमें की पैरवी से उन्हें पहचान व प्रतिष्ठा मिली। 1937 में श्री पंत संयुक्त प्रान्त के प्रधानमंत्री बने और 1946 में उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने। 10 जनवरी 1955 को श्री पंत जी ने भारत के गृहमंत्री का पद सभाला था। उन्होने राजनीति के साथ-साथ साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उत्तराखण्ड ने शिक्षा के क्षेत्र में जो भी उपलब्धियां हासिल की है, पंत जी ने उनकी आधार शिला रखी है। उन्होंने कहा कि पंत जी ने ही हिन्दी को राजकीय भाषा का दर्जा दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। सात मार्च 1961 को श्री पंत का देहान्त हो गया।
प्रदीप तेज
वार्ता
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