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राज्य


गोटमार मेले में पत्थर लगने से युवक की मौत

छिंदवाड़ा, 10 सितंबर (वार्ता) मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा तहसील मुख्यालय के प्रसिद्ध गोटमार मेले में शामिल एक युवक की आज पेट में पत्थर लगने से मृत्यु हो गई।
पुलिस के अनुसार युवक की पहचान पांढुर्णा के ग्राम भुजारी निवासी 25 वर्षीय शंकर भलावी के रूप में हुई है। गोटमार मेले के दौरान वर्ष 2011 के बाद यह पहली मौत है।
पांढुर्णा के निवासी बाबूराव कंलबे और मनोज रेवतकर पत्थरों से गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें उपचार के लिए नागपुर रैफर किया गया है। आपसी पत्थरबाजी में पांढुर्णा व सांवरगांव पक्ष के कुल 227 लोग घायल हो गए हैं, जिनका उपचार चिकित्सा शिविरों में किया जा रहा है।
गोटमार मेले का समापन आज शाम 6़ 15 बजे पुलिस के हस्तक्षेप के बाद हुआ।
पांढुर्णा गोटमार मेले का इतिहास वर्षों पुराना है। मान्यता है कि पांढुर्णा के युवक का पड़ोसी गांव सांवरगांव की युवती से प्रेम था। युवती को उसके गांव से भगाकर लाने के दौरान पांढुर्णा के पास बहने वाली जाम नदी को पार करते समय दोनों ओर के ग्रामीणों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी की थी। उसी की याद में पांढुर्णा व सांवरगांव के लोग एक-दूसरे पर पत्थरबाजी करते हैं।
गोटमार मेला हर साल पोला के दूसरे दिन अर्थात सोमवार को शुरू होता है। नदी के बीचोबीच झंडा लगाया जाता है। इस झंडे को पांढुर्णा का पक्ष जब तक तोड़ नहीं लेता, तब तक पत्थरबाजी चलती रहती है। सूर्यास्त के समय तक झंडा न टूटने पर पुलिस समझौता करवाकर मेले का समापन करवाती है।
गोटमार मेले में हर साल सैकड़ों लोग घायल होते हैं, लेकिन आस्था के नाम पर यह परंपरा अाज तक जारी है।
सं सुधीर
वार्ता
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'आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस' का बड़ा केंद्र बनाना चाहते हैं मध्यप्रदेश को - कमलनाथ

'आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस' का बड़ा केंद्र बनाना चाहते हैं मध्यप्रदेश को - कमलनाथ

18 Jul 2019 | 4:54 PM

भोपाल, 18 जुलाई (वार्ता) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आज विधानसभा में कहा कि उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता नौजवान और उन्हें रोजगार मुहैया कराना है और मुख्य रूप से इसी को ध्यान में रखकर सरकार अपनी नीतियां बनाकर चल रही है। उन्होंने कहा कि वे मध्यप्रदेश को 'आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस' का बड़ा केंद्र बनाना चाहते हैं।

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