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श्री गुरु ग्रंथ साहब के पहले प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन

अमृतसर, 10 सितंबर (वार्ता) श्री गुरु ग्रंथ साहब जी का प्रथम प्रकाश पर्व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने श्रद्धा भावना और सत्कार से मनाया।
इस अवसर पर श्री गुरु ग्रंथ साहब के संपादन स्थान गुरुद्वारा श्री रामसर साहब से चली आ रही पुरातन रिवायत अनुसार अलौकिक नगर कीर्तन सजाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संगतों ने भाग लिया। गुरुद्वारा श्री रामसर साहब में ‘आसा की बार’ के कीर्तन के बाद नगर कीर्तन की शुरूआत हुई। नगर कीर्तन करोड़पति चौंक और बाबा साहब चौंक से होता हुआ सच्चखंड श्री हरिमन्दर साहब में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर गतका अखाड़ों, उप-सोसायटियों, स्कूली बच्चों की बैंड और गतका टीमों ने हिस्सा लिया। नगर कीर्तन के सभी रास्तो में विशेष तौर पर सजावट की गई थी।
सच्चखंड श्री हरिमन्दर साहब के मुख्य ग्रंथि ज्ञानी जगतार सिंह ने पहले प्रकाश पर्व की समूह सिख संगत को बधाई दी। उन्होने कहा कि पाँचवे बादशाह श्री गुरु अर्जुन देव जी ने 1604 ई:वी में श्री गुरु ग्रंथ साहब का संपादन करने के पश्चात बाबा बूढ़ा जी और सिख संगतो के साथ श्री गुरु ग्रंथ साहब का स्वरूप इस स्थान से सच्चखंड श्री हरिमन्दर साहब में सुशोभित करने के लिए ले जाया गया था और इसी परंपरा के अंतर्गत हर साल प्रकाश पर्व पर नगर कीर्तन आयोजित किया जाता है।
सं.ठाकुर.संजय
वार्ता
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