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राज्य


नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी की पंचायत चुनावों को लेकर गंदी राजनीति: पंचायत कांफ्रेंस

जम्मूृ ,11 सितंबर(वार्ता) आल जम्मू कश्मीर पंचायत कांफ्रेंस ने मंगलवार को नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी(पीडीपी)की जोरदार आलोचना करते हुए कहा है कि वे अपने निहित स्वार्थों के लिए इन चुनावों को भी नहीं बख्श रहे हैं और ब्लैकमेल करने की गंदी राजनीति कर रहे हैं।
कांफ्रेंस के राज्य अध्यक्ष अनिल शर्मा ने आगामी पंचायत चुनावों के बहिष्कार की घोषणा को लेकर दोनों पार्टियों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हाेंने अपने निहित स्वार्थों के लिए केन्द्र को ब्लैकमेल करने की अपनी पुरानी रणनीति को अपना लिया है।
श्री शर्मा ने पूर्व सरपंचों तथा पंचाें की बैठक को संबोधित करते हुए कहा“ नेशनल कांफ्रेंस तथा पीडीपी की इन चुनावों के बहिष्कार की घोषणा में कुछ भी नया नहीं है और वे केन्द्र सरकार तथा राज्य प्रशासन को ब्लैकमेल करने की दशकों पुरानी अपनी रणनीति को अपना रहे है ताकि पंचायत चनावाें की प्रकिया को बाधित किया जा सके। दोनों दल अपने निहित स्वार्थाें के चलते यह नहीं चाहते हैें कि आम जनता के हाथों में अधिकार आ जाएं।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नेशनल कांफ्रेस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के पुतले जलाते हुए कहा कि वे अपने राजनीतिक मंसूबों को हासिल करने के लिए वे इन चुनावों का राजनीतिकरण कर रहे हैं।
श्री शर्मा ने कहा कि इन दाेनों पार्टियों के नेताओं को यह बात समझ लेनी चाहिए कि पंचायत सामुदायिक संस्थाएं हैं जो गांवों के लोगों के सशक्तीकरण का जरिया हैं। इन संस्थाओं का राज्य के किसी भी दल से कोई लेना देना नहीं है और इन पार्टियों की इस चाल को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 35- ए का आरंभ बिंदु वर्ष 1954 से है और यह मामला फिलहाल उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है । अगर इन दोनाें पार्टियों को इसकी इतनी ही चिंता है तो उन्हें अपने सांसदों तथा विधायकों को संसद तथा विधानसभा से इस्तीफा देने को कहना चाहिए।
उन्होंने राज्यपाल सत्य पाल मलिक से अपील करते हुए कहा है कि पंचायत चुनावोेें को तय कार्यक्रम अनुसार ही कराया जाना चाहिए।
जितेन्द्र
वार्ता
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