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हिंदी में काम करना अंग्रेजी के मुकाबल आसान : डा. शर्मा

इलाहाबाद,11 सितम्बर (वार्ता) मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राजभाषा निदेशक डा. सुनीति शर्मा ने कहा कि हिंदी में काम करना अंग्रेजी के मुकाबले अधिक आसान है।
डा शर्मा मंगलवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के हिंदी विभाग में ‘कार्यालयों में हिंदी का प्रयोग कैसे बढायें’ विषय पर व्याख्यान में बोल रहे थे। उन्होंने ‘‘हिंदी है पहचान हमारी, हिंदी है जन जन की अभिलाषा’’, पंक्ति बोलते हुए कर्मचारी, अधिकारी और अध्यापकों से राजभाषा हिंदी में काम करने की वकालत की।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में आना हमेशा सुखद रहता है, यहां आकर मुझे अपने पुराने दिन याद आ गये। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कर्मचारियों को राजभाषा के नियमों की अपेक्षित जानकारी नहीं है जबकि केंद्र सरकार के अधिकारी और कर्मचारी होने के नाते सबका संवैधानिक दायित्व है कि हिंदी में काम करें। उन्होंने अध्यापक की तरह बताया कि हिंदी में काम करना आसान है। यह भ्रम फैलाया जाता है कि अंग्रेजी में काम करना आसान और हिंदी में काम करना मुश्किल है।
उन्होंने यह भी कहा कि इलाहाबाद, बनारस आदि जैसे हिंदी के केन्द्रीय क्षेत्र में हिंदी में कम काम हो रहा है, ये दु:खद है। हिंदी में काम काज बढाने के लिए विश्वविद्यालय में समय समय पर राजभाषा सम्बन्धी कार्यशाला करवानी चाहिए, राजभाषा समिति की नियमित बैठकें होनी चाहिये, पुस्तकालयों में हिंदी किताबों की खरीद होनी चाहिए। विश्वविद्यालय के विज्ञापन हिंदी में अनिवार्य रूप से दियें जाएँ, सारे नाम पट्ट हिंदी में भी हों और अधिक से अधिक पत्राचार और कार्यालयी टिप्पणियां हिंदी में की जाएँ। कामकाज के लिए यूनिकोड फॉण्ट का इस्तेमाल करना चाहिए।
कार्यक्रम में उपस्थित इविवि के कुलसचिव एवं राजभाषा समिति के अध्यक्ष डा. एन. के. शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि वे कोशिश करेंगे कि हिंदी में कामकाज को बढ़ावा दें।
गौरतलब है हिंदी पखवाडा शुरू होने वाला है और इसको लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत पहला कार्यक्रम हिंदी विभाग में हुआ।
दिनेश तेज
वार्ता
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