Thursday, Jun 27 2019 | Time 07:35 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • चीन में विस्फोट से छह लोगों की मौत
  • मेडागास्कर के स्टेडियम में भगदड़ से 15 लोगों की मौत 75घायल
  • महिला की पीट-पीटकर हत्या
  • नाइजीरियाई सेना ने 21 आतंकवादियों काे मार गिराया
राज्य


गीतकार अंजान को इसके बाद कई अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव मिलने शुरू हो गये , जिनमें बहारे फिर भी आयेगी.बंधन.कब क्यों और कहां.उमंग.रिवाज.एक नारी एक बह्चारी. हंगामा.जैसी कई फिल्में शामिल है । साठ के दशक में अंजान ने संगीतकार श्याम सागर के संगीत निर्देशन में कई गैर फिल्मी गीत भी लिखे । अंजान द्वारा रचित इन गीतो को बाद में मोहम्मद रफी.मन्ना डे और सुमन कल्याणपुरी जैसे गायको ने अपना स्वर दिया , जिनमें मोहम्मद रफी द्वारा गाया गीत ..मै कब गाता ..काफी लोकप्रिय भी हुआ था । अंजान ने कई भोजपुरी फिल्मो के लिये भी गीत लिखे । सत्तर के दशक में बलम परदेसिया का..गोरकी पतरकी के मारे गुलेलवा ..गाना आज भी लोगो के जुबान पर चढ़ा हुआ है ।
अंजान के सिने कैरियर पर यदि नजर डाले तो सुपरस्टार अमिताभ बच्चन पर फिल्माये उनके रचित गीत कापी लोकप्रिय हुआ करते थे । वर्ष 1976 में प्रदर्शित फिल्म दो अंजाने के.. लुक छिप लुक छिप जाओ ना ..गीत की कामयाबी के बाद अंजान ने अमिताभ बच्चन के लिये कई सफल गीत लिखे जिनमें ..बरसो पुराना ये याराना.खून पसीने की मिलेगी तो खायेंगे.रोते हुये आते है सब.ओ साथी रे तेरे बिना भी क्या जीना.खइके पान बनारस वाला जैसे कई सदाबहार गीत
शामिल है ।
अमिताभ बच्चन के अलावे मिथुन चक्रवर्ती की फिल्मो के लिये भी अंजान ने सुपरहिट गीत लिखकर उनकी फिल्मों को सफल बनाया है । इन फिल्मों में डिस्को डांसर.डांस डांस.कसम पैदा करने वाले.करिश्मा कुदरत का.कमांडो .हम इंतजार करेंगे.दाता और दलाल आदि फिल्में शामिल है । जाने माने निर्माता-निर्देशक प्रकाश मेहरा की फिल्मों के लिये अंजान ने गीत लिखकर उनकी फिल्मो को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उनकी सदाबहार गीतों के कारण ही प्रकाश मेहरा की ज्यादातार फिल्मे अपने गीत-संगीत के कारण ही आज भी याद की जाती है । अंजान के पसंदीदा संगीतकार के तौर पर कल्याण जी आनंद जी का नाम सबसे उपर आता है ।
अंजान ने अपने तीन दशक से भी ज्यादा लंबे सिने कैरियर में लगभग 200 फिल्मो के लिये गीत लिखे । लगभग तीन दशकों तक हिन्दी सिनेमा को अपने गीतों से संवारने वाले अंजान 67 वर्ष की आयु मे 13 सितम्बर 1997 को सबको अलविदा कह गये । अंजान के पुत्र समीर ने बतौर गीतकार फिल्म इंडस्ट्री ने अपनी खास पहचान बनायी है।
प्रेम टंडन
वार्ता
More News
पंचतत्व में विलीन हुए स्वामी सत्यमित्रानंद

पंचतत्व में विलीन हुए स्वामी सत्यमित्रानंद

26 Jun 2019 | 11:56 PM

हरिद्वार, 26 जून (वार्ता) पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गये। उनके पार्थिक शरीर को आज हरिद्वार में उनके निवास स्थान राघव कुटीर में भू समाधि दी गयी।

see more..
image