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गरीबी के चलते की आत्महत्या

भिंड, 12 सितम्बर (वार्ता) मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक युवक ने कथित तौर पर गरीबी से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।
परिजन का आरोप है कि युवक को शहर में पक्का मकान होने के कारण गरीबी रेखा से जुड़ी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था। उसके पास आजीविका का कोई साधन भी नहीं हेाने से युवक आर्थिक तंगी से परेशान था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन के सुपुर्द कर दिया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अटेर के किशूपुरा गांव निवासी अनूप सिंह भदौरिया (33) का भिंड शहर के अटेर रोड पर पुश्तैनी मकान है। कल रात अनूप ने अपने ही घर के कमरे में पत्नी की साडी से पंखे से फंदा डालकर आत्महत्या कर ली।
परिजन के मुताबिक अनूप ने कल रात ही अपनी पत्नी नेहा से अपनी आर्थिक परेशानियों के बारे में बात करते समय अपनी हताशा जाहिर की थी। अनूप ने कई बार गरीबी रेखा का राशनकार्ड बनवाने के लिए आवेदन किए थे, लेकिन शहर में मकान होने की वजह से राशनकार्ड नहीं बन पा रहा था। उसके मकान पर बिजली का 80 हजार रुपए का बिल बकाया था। इसे माफ कराने के लिए उसने नगरपालिका असंगठित श्रमिक के रूप में अपना पंजीयन कराया। साथ ही बिजली कंपनी कार्यालय में बिल माफी के लिए आवेदन दिए, लेकिन पिछले दो महीने से उसे यह पता नहीं लग पाया कि उसका बिल माफ हुआ या नहीं। इसी चिंता के चलते उसने फांसी लगा ली।
परिजन का आरोप है कि बस पर क्लीनर की नौकरी करने वाले अनूप के पास ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की फीस नहीं थी और इसलिए उसे कहीं चालक की नौकरी भी नहीं मिल ही थी।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) एचबी शर्मा ने पूरे मामले पर कहा कि अनूप ने बीपीएल राशनकार्ड के लिए आवेदन किया था, यह क्यों निरस्त कर दिया गया, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।
सं गरिमा
वार्ता
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