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अखिलेश और डिम्पल को अदालत से राहत, आवास मरम्मत की इजाजत

लखनऊ, 31 अगस्त (वार्ता) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने समाजवादी पार्टी(सपा) अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी सांसद पत्नी डिम्पल यादव को राहत देते हुए विक्रमादित्य मार्ग पर भवन संख्या ए की मरम्मत किए जाने की इजाजत दे दी है।
उच्च न्यायालय ने कहा है कि इस भवन के ढांचे में कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा और न ही कोई नया निर्माण किया जाएगा। आवास में केवल मरम्मत ,फर्श प्लास्टर और सफाई आदि की इजाजत दी जा सकती है । न्यायालय ने अखिलेश और डिम्पल की ओर से पिछले आदेश को संशोधित किये जाने की अर्जी पर यह आदेश दिए।
न्यायालय ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और डिम्पल यादव की ओर से अधिवक्ता अमित सिंह भदौरिया तथा देवेंद्र कुमार उपाध्याय द्वारा दायर अर्जी पर शुक्रवार को यह आदेश दिया है ।
दायर अर्जी में कहा गया कि अदालत द्वारा पूर्व में 18 अगस्त को दिए गए आदेश में संशोधन किया जाए । यह भी कहा गया कि भवन संख्या ए का बैनामा उज्वला राम नाथ ने वर्ष 2005 में डिंपल यादव और अखिलेश यादव के पक्ष में किया था। यह भी कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस भवन का केवल नवीनीकरण किया जा रहा है । अदालत को यह भी बताया गया कि श्री यादव द्वारा इस वीआईपी क्षेत्र में किसी होटल का निर्माण नही कराया जा रहा है। गौरतलब है कि गत 18 अगस्त को उच्च न्यायालय ने इस मामले में निर्माण किये जाने पर रोक लगा दी थी।
यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन की खंडपीठ ने शिशिर चतुर्वेदी की ओर से दायर विचाराधीन जनहित याचिका पर अखिलेश यादव तथा डिम्पल यादव द्वारा दायर अर्जी पर दिए हैं। न्यायालय ने इस मामले में याचिकाकर्ता को मुक्त करते हुए स्वयमेव संज्ञान लिया था ।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि लखनऊ के हाई सिक्योरिटी जोन स्थित विक्रमादित्य मार्ग पर खसरा संख्या 8 डी सहित अन्य भूखण्डों पर हैरिटेज होटल का निर्माण कराया जा रहा है। यह भी आरोप लगाया गया कि सपा मुखिया द्वारा हाई सिक्योरिटी जोन में नियम कायदों को दर किनार कर निर्माण कराया जा रहा है। अदालत ने सुनवाई के बाद स्वीकृति मानचित्र सहित निर्माण के अन्य सभी नियम कायदों के बावत एल डी ए से ब्यौरा पेश करने को कहा था।
न्यायालय ने याचिका में विपक्षी पक्षकार बनाए गए जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव , मुलायम सिंह यादव, डिम्पल यादव को भी नोटिस जारी की थी। अखिलेश यादव की ओर से अदालत को बताया गया कि वह केवल इस भवन को मरम्मत कर रहे है इसकी इजाजत दी जाये। मामले की अगली सुनवाई पांच सिंतबर को होगी।
सं त्यागी तेज
वार्ता
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