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राष्ट्रीय-तोगड़िया मंदिर दो अंतिम अयोध्या

डा़ तोगड़िया ने कहा कि उस समय गलती हो गयी थी अब इसको दोहराया नहीं जायेगा। किसी कीमत पर अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनवाया जायेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी जब मंदिर निर्माण के लिये रथ लेकर निकले थे तो उस रथ पर नरेन्द्र मोदी भी बैठे थे।
उन्होंने कहा कि देश की जनता ने श्री मोदी को राम मंदिर का पैरोकार बनाकर सत्ता सौंपी थी। कुर्सी पर बैठने के बाद केन्द्र सरकार ने तीन तलाक का राग अलापने लगे और मंदिर का कानून न बनाकर तीन तलाक का कानून बनाने में लग गये।
डॉ. तोगडिय़ा ने कहा कि देश के हिन्दुओं के सम्मान का प्रतीक अयोध्या के राम मंदिर निर्माण के लिए साढ़े चार सौ वर्षों से देश का हिन्दू लड़ाई लड़ रहा है। वर्ष 1984 से राम मंदिर आंदोलन शुरू हुआ तब किसी ने नहीं कहा था कि मंदिर अदालत के फैसले से बनेगा। उन्होंने कहा कि पूरे देश में मैं घूम-घूमकर केन्द्र सरकार की चार वर्ष की नाकामियों को जनता तक पहुंचाने का काम कर रहा हूँ।
उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि विजयदशमी के बाद 21 अक्टूबर को लगभग एक लाख हिन्दू कार्यकर्ता श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिये लखनऊ से अयोध्या के लिये कूच करेगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं की बराबर बैठकें की जा रही हैं और इसकी पूरी रूपेरखा बनाई जा रही है कि किस तरह कार्यकर्ता अयोध्या कूच करेंगे। अयोध्या कूच की अनुमति न मिलने पर राष्ट्रीय मार्ग जाम कर कार्यकर्ता गिरफ्तारी देंगे।
श्री तोगड़िया ने कहा कि हमने अयोध्या कूच करने का निर्णय तो मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और राजीव गांधी के प्रधानमंत्री काल के समय भी लिया था और अयोध्या कूच करके दिखा दिया था। उन्होंने कहा कि 1990 और 1992 में कारसेवकों का बलिदान सत्ता के लिये नहीं बल्कि राम मंदिर बनाने के लिये किया गया था। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि जिस आर्टिकल 35 ए पर कश्मीर के अलगाववादी पत्थरबाजी कर रहे हैं उसे केन्द्र सरकार मात्र 12 घंटे में हटा सकती है लेकिन इस पर राजनीति नहीं होना चाहिए।
सं तेज त्यागी
वार्ता
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