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नाईक की मंजूरी के बाद तीन विधेयक बने कानून

लखनऊ, 01 सितम्बर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने राज्य विधान मण्डल द्वारा पारित किए गये तीन विधेयकों को अपनी अनुमति प्रदान कर दी।
राजभवन सूत्रों के अनुसार जिन तीन विधेयकों को श्री नाईक ने अनुमति प्रदान की है उनमें उत्तर प्रदेश विनियोग (2018-2019) का अनुपूरक विधेयक, उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण (संशोधन) विधेयक तथा श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद वाराणसी विधेयक शामिल है।
‘उत्तर प्रदेश विनियोग (2018-2019) का अनुपूरक विधेयक ’ के माध्यम से वर्तमान वित्तीय वर्ष में होने वाले व्यय के लिए राज्य की समेकित निधि से कतिपय धनराशियों के भुगतान और विनियोग का प्राधिकार देने की व्यवस्था की गयी है।
‘उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) (संशोधन) अधिनियम 2018’ द्वारा पूर्व में अधिनियमित ‘उत्तर प्रदेश लोक सेवा (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) (संशोधन) अधिनियम, 1993’ की कतिपय धाराओं में संशोधन किया गया है।
संबंधित विषय पर भारत सरकार द्वारा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 अधिनियमित किया गया था। दिव्यांगजनों से सम्बन्धित केन्द्रीय अधिनियम के उपबंधों के अनुरूप पूर्व में राज्य में अधिनियमित अधिनियम की धारा-3 की उपधारा (1) में संशोधन किया गया है।
‘श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद वाराणसी विधेयक 2018’ के माध्यम से श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद की स्थापना की गयी है जिसके अधीन काशी के विशिष्ट क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप पर्यटन के उन्नयन के लिए सांस्कृतिक, अध्यात्मिक, पौराणिक और स्थापत्य संबंधी सौन्दर्यबोध विकसित और अनुरक्षित करने का कार्य किया जायेगा।
इन तीनों विधेयकों से संबंधित पत्रावली राज्य सरकार से शुक्रवार 31 अगस्त को अनुमोदन के लिए प्रस्तुत की गयी जिन पर राज्यपाल ने विधिक परीक्षणोपरान्त शनिवार को अपना अनुमोदन प्रदान कर दिया है।
त्यागी तेज
वार्ता
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