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मौसम बारिश उप्र तीन अंतिम लखनऊ

सूत्रों ने बताया कि तीर्थराज प्रयाग में गंगा और यमुना का बढ़ रहा जलस्तर धीरे धीरे खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे की तुलना में रविवार को उसी समय तक फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में 16, छतनाग में 23 और नैनी (यमुना) में 29 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। फाफामऊ में सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 80.28 मीटर दर्ज किया गया जो शनिवार की तुलना में 12 सेंटीमीटर अधिक है, छतनाग में 78.40 मीटर दर्ज किया गया जो 23 सेंटीमीटर अधिक है। इसी प्रकार नैनी (यमुना) में गंगा का जलस्तर 29 सेंटीमीटर वृद्धि के साथ 78.90 मीटर दर्ज किया गया है।
पिछले एक पखवाडे के आंकडों का आंकलन करने पर गंगा का जलस्तर फाफामऊ में क्रमश: 1.08 मीटर, छतनाग में 1.26 मीटर और नैनी (यमुना) में 1.30 मीटर वृद्धि दर्ज की गयी है। गत 20 अगस्त को फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.20 मीटर, छतनाग में 78.40 मीटर और नैनी में 78.90 मीटर दर्ज किया गया था।
पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा और यमुना नदियों में पानी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। घाटों पर रहने वाले तीर्थ पुरोहिताें को लगातार अपनी चौकियां पीछे खिसकाते जा रहे हैं। दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा है, जिससे यमुना किनारे बसे पालपुर, मड़ौका और बसवार और गंगा किनारे मवैया, बजहा, लवायन, छतनाग, कबरा, टुमटुमा और रामपुर आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से भय उत्पन्न हो गया है। जिला प्रशासन ने इसे देखते हुए तटीय इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। रविवार को गंगा का जलस्तर 80.28 मीटर और यमुना का 78.90 मीटर तक पहुंच चुका है, जिसके बाद प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।
उत्तराखंड तथा पड़ोसी देश नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते गोंड़ा, लखीमपुर खीरी, बस्ती, सिद्धार्थनगर तथा बहराइच में कई गांव बाढ़ के पानी की जद में है।
गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर निरंतर बढ़ने से निचले इलाकों में बसे गांवों में अफरा-तफरी मची है। घाघरा नदी रविवार की सुबह खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जिससे तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लगातार घटते बढ़ते जलस्तर के साथ ही नदी में कटान तेजी हो रहा है। अस्थाई बांध समेत घाघरा का पानी एल्गिन चरसड़ी बांध पर टक्करा रहा है। जिले के नैपुरा, परसावल सहित चरपुरवा गांव के कई मजरे पानी से घिरे है और लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं। कई परिवारों ने बांध पर अपना आशियाना बना लिया है। अभी तक राहत और बचाव के उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं।
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने और बारिश से फूलबेहड़ क्षेत्र में बाढ़ ने तबाही मचानी शुरु कर दी है। इलाके ने 12 से अधिक गांव जलमग्न है। सैकड़ों एकड़ फसल पानी में समा चुकी हैं। बाढ़ की चपेट में बड़ागांव, बसहा, खगईपुरवा, खांभी, नरहर, मझरी समेत एक दर्जन से ज्यादा गांव अब तक आ चुके हैं। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मीलपुरवा के पास सड़क पर दो फुट से अधिक पानी होने से लोगों को अवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के कारण पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो गई है। बाढ़ के कारण लोगों को आने जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। इच्छारामपुरवा में पानी गांव के चारों तरफ भरा है। जिला प्रसाशन बाढ पीड़ितों को राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहा है।
टीम भंडारी त्यागी
वार्ता
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