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केन्द्रीय कर्मचारियों ने की पुरानी पेंशन प्रणाली बहाल करने की मांग

कानपुर 06 सितम्बर (वार्ता) केन्द्रीय कर्मचारियों ने नरेन्द्र मोदी सरकार से नई पेंशन व्यवस्था को रद्द कर पुरानी पेंशन प्रणाली बहाल करने की मांग की है।
पेंशनर फोरम के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरूवार को राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन दिया और उनसे इस मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगायी। फोरम के महासचिव आनंद अवस्थी ने कहा कि वर्ष 2004 को जारी नयी पेंशन स्कीम को रद्द कर पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल किया जाये। इस मामले से संबधित एक याचिका पर उच्चतम न्यायालय भी स्पष्ट कर चुकी है कि पेंशन किसी प्रकार की रहम अथवा दया ना होकर कर्मचारियों का हक है।
उन्होने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के इस फैसले से 20 लाख से ज्यादा केन्द्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारी प्रभावित हुये हैं। सरकार के अदूरदर्शिता भरे फैसले से इन कर्मचारियों के एक करोड से अधिक परिवार के लोग परेशान है। इस संवेदनशील मुद्दे की अनदेखी केन्द्र और राज्य सरकार को भारी पडेगी। इसलिये समय रहते सरकार को इस बारे में अपना फैसला लेना चाहिये।
श्री अवस्थी ने अपर नगर मजिस्ट्रेट के के अवस्थी को राष्ट्रपति को प्रेषित ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार का इस बारे में अनुकूल फैसला आने तक कर्मचारी आंदोलन करते रहेंगे। इस क्रम में नौ सितम्बर को फूलबाग में धरना दिया जायेगा।
प्रदीप
वार्ता
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