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राष्ट्रीय-योगी पुर्नप्रतिष्ठा युग तीन गोरखपुर

इस अवसर पर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानन्द सरस्वती ने कहा कि राष्ट्र-सन्त महन्त अवेद्यनाथ भारतीय संस्कृति, हिन्दू चिन्तक, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे। श्रीगोरखनाथ मन्दिर भारत की संस्कृति, संस्कारों और परम्परा का मन्दिर है। उन्होंने कहा यह पीठ धन्य है, जहां ऐसे सन्तों ने अपनी कर्मस्थली बनायी। उन्होंने कहा कि महन्त अवेद्यनाथ ने एक ऐसे भारत का स्वप्न देखा जहाँ राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता, हिन्दुत्व और विकास दिखायी दे।
उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ युवा सन्यासी है जिसपर भारत के सन्त समाज को गर्व है और वह इसी पीठ की तपस्या का प्रतिफल है। ऐसा हिन्दू सन्यासी जो बिना किसी भेदभाव के सभी के साथ एक समान व्यवहार करते हुए लोककल्याण के भगीरथ पथ पर चल पड़ा है और प्रदेश में परिवर्तन की जो आध्यात्मिक लहर प्रारम्भ हुई है वह निश्चित ही लोक कल्याणकारी एवं लोक मंगल सिद्ध होगी।
श्रीराम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष मणिराम छावनी, अयोध्या के महन्त नृत्यगोपालदास ने कहा कि देश के सनातन धर्म, हिन्दुत्व, सामाजिक समरसता, रामजन्मभूमि मुक्ति और पूर्वांचल के शैक्षिक प्रगति के नये आयाम दोनों
ब्रह्मलीन महन्त ने प्रस्तुत किये। उन्होंने कहा कि महन्त दिग्विजयनाथ , महन्त अवेद्यनाथ से लेकर अब महन्त योगी आदित्यनाथ तक,को हिन्दुत्व का संरक्षण विरासत में प्राप्त हुई है। गोरक्षपीठ ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को सजोकर
रखने एवं देश को धार्मिक, सामाजिक, राजनैतिक नेतृत्व दिया।
भारत सरकार के पेटोलियम प्राकृतिक गैस एवं इस्पात मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि बचपन से मैं नाथ समप्रदाय योगियों को देखता रहा हूं और ये त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति होते हैं। सामाजिक समरसता गोरक्षपीठ का
संस्कार है। आज देश नई उचाईयों को छू रहा है, नये रूप में उभर रहा है निश्चित रूप से इसका श्रेय ब्रह्मलीन महन्त दिग्विजयनाथ एवं महन्त अवेद्यनाथ जैसे महापुरूषों को जाता है । उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर यह पीठ
केवल प्रवचन नहीं करता अपितु निकल कर शौर्य भी दिखाता है।
उन्होंने कहा कि श्री मोदी के नेतृत्व में भारत एवं योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का बढ़ना तय है। आने वाले दिनो में गोरखपुर उर्जा का केन्द्र बनने वाला है। उर्जा का जो प्लांट यह लग रहा है वह यहां के लोगो के लिए बहुत लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि एलपीजी की गैस पाइप लाइन यहा लाई जा रही है साथ ही मोतीहारी से गोरखपुर को जोड़कर एक
दूसरी पाइप लाइन लाई जा रही है, जो नेपाल और भूटान में जायेगी। इस प्रकार गोरखपुर उर्जा का केन्द्र बन रहा है ओर इससे गोरखपुर के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। अब यहा कचरे से भी इधन बनाया जायेगा तथा अब
हमारा अन्नदाता किसान उर्जादाता भी बनेगा।
उदय त्यागी
जारी वार्ता
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