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जौनपुर में 300 प्रधानों पर भ्रष्टाचार के जांच की शुरू

जौनपुर , 17 अक्टूबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के जौनपुर में विकास कार्यो के नाम पर लाखों रूपये के गबन के मामले में 300 ग्राम प्रधानों की भूमिका की जांच की जायेगी।
जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार ने गुरूवार को बताया कि ग्राम प्रधानों पर भ्रष्टाचार के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शिकायतों के आधार पर तीन सौ प्रधान जांच के दायरे में आ गये हैं। अधिकतर प्रधानों पर विकास कार्यों के नाम पर लाखों गबन का आरोप है। भ्रष्टाचार में शामिल होने को लेकर अब तक कई प्रधान बर्खास्त भी किए गए हैं। पारदर्शिता को लेकर कई बड़े कदम उठाने के बाद भी भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पा रही है। अब तक की जांच में कुछ ग्राम विकास अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है ।
उन्होंने कहा कि विभिन्न तहसीलों में सौ अन्य प्रधानों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है, जिनमें अभी जांच अधिकारी नामित नहीं हो सके हैं। ऐसे में पहले से चयनित जांच अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट सौंपने के बाद बचे रह गए प्रधानों पर जांच की शुरुआत की जाएगी।
श्री कुमार ने कहा कि जुलाई माह में एक शिकायत की जांच में विकास खंड शाहगंज (सोंधी) संदहा के प्रधान द्वारा किए गए भ्रष्टाचार में ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी व तकनीकी सहायक की भी बराबर की भूमिका पाई गई।
प्रधान कृष्णदेव मिश्रा ने स्ट्रीट लाइट पर तीस हजार रुपये खर्च का ब्योरा दिया, जिस पर स्थलीय परीक्षण किए बिना इसकी सहमति दे दी गई। साथ ही चौदहवें वित्त धनराशि में भी गड़बड़ी की गई। इसके अलावा अन्य कार्यों में भ्रष्टाचार का मामला उजागर होने के साथ ही ग्राम पंचायत की बैठक नियमानुसार नहीं होना पाया गया। इस तरह नियमों को अनदेखा कर दो लाख 12 हजार रुपये का भ्रष्टाचार किया गया, जिसके बाद प्रधान को बर्खास्त कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि शाहगंज तहसील क्षेत्र में प्रधानों की जांच को लेकर रिपोर्ट छिपाई गई। पटल देख रहे राकेश सिंह ने कंम्प्यूटर में खराबी की बात कहते हुए रिपोर्ट नहीं दी। इसके अलावा पटल देख रहे अन्य लिपिक मामले की गंभीरता को देखते हुए बकायदा रजिस्टर बना रखा है, लेकिन राकेश इसे लेकर घोर लापरवाह दिखे।
पंचायत अधिकारी ने कहा कि प्रधानों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले की जांच को टीम गठित की गई है। अधिकारियों से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। जांच रिपोर्ट आने में अभी कुछ वक्त लग सकता है , रिपोर्ट आने के बाद कठोर कार्यवाही की जाएगी ।
सं प्रदीप
वार्ता
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