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उप्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रिक्त पदों पर जल्द हो भर्ती :महासंघ

लखनऊ, 21 अक्टूबर (वार्ता) उत्तर प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ ने राज्य सरकार से रिक्त पड़े पदों को भरने की मांग की है।
महासंघ के उपाधक्ष सुरेश यादव ने आज यहां जारी बयान में कहा कि प्रदेश में लम्बे अरसे से चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई और करीब चार लाख पद खाली पड़े हैं। उन्हाेंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में उपचुनावी जनसभा में कहा था कि एक लाख पदों पर सरकार भर्ती करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार रिक्त पदों पर भर्ती कर अल्प आय संवर्ग के बच्चों को सरकारी सेवा का लाभ देकर अपना वादा पूरा करे।
श्री यादव ने कहा कि चतुर्थ श्रेणी के पदों पर कार्यरत योग्यताधारी कर्मचारियों की समूह ‘‘ग’’ पर पदोन्नति का काम सभी विभाागें में एक साथ किया जाए। लम्बे समय तक दैनिक वेतन भोगी रहे कर्मचारियों को नियमित जाए तथा उन्हें पुरानी सेवा जोड़कर अन्य लाभ दिये जाए। समस्त विभागों में ठेकेदारी प्रथा समाप्त की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, शिक्षक विभाग एवं वाणिज्य कर विभाग में ही लगभग एक लाख से ज्यादा चतुर्थ श्रेणी के पद रिक्त है। लगभग इन सभी विभागों में कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से इन पदों पर कार्य लिया जा रहा है। जिसके चलते कार्यदायी संस्था उक्त कार्मिकों को जहाॅ कमीशन लेने के बावजूद नियत मानदेय से कम का भुगतान कर रही है वही अपना शोषणा करा रहे ठेका कार्मिक काम मन लगाकर नहीं कर रहे है। इसके परिणाम स्वरूप राजकीय कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
श्री यादव ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह अतिशीघ्र भर्ती की घोषणा का वायदा पूरा करें ,जिससे बेरोजगारों को रोजगार मिलने के साथ विभागों को जिम्मेदार कर्मचारी मिल सकें।
त्यागी
वार्ता
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