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जौनपुर की मल्हनी सीट के लिये उपचुनाव में नोटा के लिए लगानी पड़ेगी दूसरी मशीन

जौनपुर, 20अक्टूबर(वार्ता) उत्तर प्रदेश के जौनपुर में मल्हनी सीट पर हो रहे उपचुनाव में नाम वापसी के बाद 16 प्रत्याशियों को निर्वाचन कार्यालय द्वारा चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए। 16 प्रत्याशी मैदान में होने के बावजूद भी प्रशासन को चुनाव संपन्न कराने के लिए नोटा के लिए दूसरी मशीन लगानी पड़ेगी ।
आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यहां बताया कि सोमवार को नामांकन पत्रों की वापसी के बाद मल्हनी के चुनाव मैदान में प्रमुख पार्टियों भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के अतिरिक्त निर्दल प्रत्याशी धनंजय सिंह समेत कुल 16 प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में हैं। भारतीय जनता पार्टी के मनोज सिंह, बहुजन समाज पार्टी के जय प्रकाश दुबे और कांग्रेस के राकेश मिश्र उर्फ मंगला गुरु जोर आजमाइश में शामिल हैं।
मतदान के लिए निर्वाचन अधिकारियों को प्रत्येक बूथ पर अभी भी दो ईवीएम मशीनें लगानी पड़ेंगी, क्योंकि एक ईवीएम मशीन में सिर्फ 16 प्रत्याशियों के कालम होने के कारण ‘नोटा’ बटन की सुविधा के लिए दूसरी मशीन भी प्रत्येक मतदेय स्थल पर रखना होगा। निर्वाचन प्रावधानों के कारण मतदाताओं को कोई प्रत्याशी पसंद ना आने पर उसके सामने “इनमें से कोई नहीं” यानी नोटा चुन कर उसके सामने का बटन दबाने का संवैधानिक अधिकार है, इसलिए ऐसा करना पड़ेगा।
गौरतलब है कि प्रदेश की सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे निवर्तमान मल्हनी विधायक पारसनाथ यादव के निधन के बाद यह सीट खाली हुई है। दो बार से इस सीट पर सपा का कब्जा रहा है। पारसनाथ यादव की मजबूत पकड़ और जिले में अपनी बिरादरी का छत्रप होने के कारण भरपूर कोशिशों के बावजूद इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी एक बार भी जीत दर्ज नहीं कर सकी।
श्री पारसनाथ यादव के न रहने के कारण बदली हुई स्थितियों में भाजपा इस सीट को अपना बनाने की पूरी कोशिश में है। इसके लिए पार्टी ने अपनी पूरी ताकत लगा रखी है। इसी सीट के लिए पूर्व बसपा सांसद धनंजय सिंह भी निर्दल प्रत्याशी के रूप में चुनौती दे रहे हैं। वे‌ जौनपुर संसदीय क्षेत्र से एक बार सांसद और इसी विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने जा चुके हैं।
सं भंडारी
वार्ता
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