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कुशीनगर संसदीय सीट पर नौ प्रत्याशी मैदान में

कुशीनगर 19 मई (वार्ता) उत्तर प्रदेश के कुशीनगर 65- संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में नाम वापसी के बाद अब नौ प्रत्याशी अपना भाग्य रहे हैं। इसमें चतुर्थकोणीय मुकाबला होने के आसार हैं।
मिली सूचना के मुताबिक कुशीनगर 65 संसदीय सीट पर निर्वाचन अधिकारी द्वारा चुनाव लड़ रहे कुल नौ प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आज आवंटित किये गये, जिसमें निर्वाचन प्रतीक चिन्ह आवंटन के अंतर्गत समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी अजय प्रताप सिंह को साइकिल, भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी विजय कुमार दुबे को कमल, बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी शुभ नारायण चौहान को हाथी, सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभांस पार्टी )के प्रत्याशी वेद प्रकाश मिश्रा को अलमारी, भारतीय लोकनायक पार्टी के प्रत्याशी सुनील कुमार शुक्ला को रोड रोलर, राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के प्रत्याशी स्वामी प्रसाद मौर्य को गन्ना किसान, आजाद अधिकार सेना के प्रत्याशी हरिकेश को ऑटो रिक्शा, निर्दलीय प्रत्याशी अमीय उपाध्याय को बल्ला , निर्दलीय प्रत्याशी रामचंद्र सिंह को चिमनी का प्रतीक चिन्ह आवंटन किया गया है।
‌‌‌ कुशीनगर में लोकसभा चुनाव में चुनाव चिंहों के आवंटन होने के बाद कुशीनगर में चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे साफ होती जा रही है बुद्ध की धरती पर चतुर्थकोणीय मुकाबले के आसार दिख रहे हैं। भाजपा ने इस सीट से दूसरी बार हेट्रिक लगाने की विशेष रणनीति बनाई है, तो वही सपा, बसपा ने भी अपनी अपनी पहली जीत हासिल करने को पूरा जोर लगाया है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने पार्टी से ताल ठोक कर चुनाव को दिलचस्प बना दिया है ।
चुनावी पंडितों के अनुसार कुशीनगर में सैथवार मतदाता निर्णायक माने जाते हैं। भाजपा ने जहां अपने राज्यसभा सांसद को आरपीएन सिंह के भरोसे है वही सपा सैथवार उम्मीदवार उतार कर मतदाताओं को पाली में करने की कोशिश में जुटी है ।
कुशीनगर संसदीय सीट पर भाजपा का 2014 व उसके बाद 2019 में भी लगातार इस पर कब्जा रहा है । वही वर्तमान सांसद विजय दुबे को भाजपा पार्टी ने दूसरी बार प्रत्याशी बनाया है । पार्टी इस बार हेट्रिक लगाने की कोशिश में जुटी है । भाजपा ने इसके लिए विशेष रणनीति के तहत बुथ अध्यक्षों के सम्मेलन से लेकर विभिन्न मोर्चे के सम्मेलन विधानसभा वार शुरू कर दिया है । बूथ स्तर से जिला स्तर तक के पदाधिकारी को अलग-अलग टीम में बनाकर चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। जनसंपर्क का दौर तेज हो गया है ।
समाजवादी पार्टी ने लोकसभा क्षेत्र के जाति समीकरण को देखते हुए यहां से अजय प्रताप सिंह उर्फ पिंटू सैथवार को मैदान में उतारा है सपा ने भी चुनाव प्रचार में पूरी तरह ताकत झोक दी है और विशेष प्लानिंग के तहत बुथ स्तर पर कैंपिंग की जा रही है । विभिन्न पदाधिकारी की टीम भी अलग-अलग टीम में बनाकर चुनाव प्रचार में जुटी है , वहीं बसपा उम्मीदवार शुभ नारायण चौहान पार्टी कैडर के साथ जनसंपर्क में जुटे हैं । वह गांव वह गली मोहल्ले तक पहले संगठन कार्यकर्ताओं के भरोसे हैं ।
बसपा मुखिया मायावती की निर्देशन में सर्व समाज को पाले में करने की रणनीति पर बसपा की टीम काम कर रही है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी से ताल ठोक दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य सपा पार्टी के छोड़ने के बाद इन्होंने इंडिया गठबंधन का इंतजार किया । वह उन्हें कुशीनगर से प्रत्याशी बनता है या नहीं ! रिस्पांस नहीं मिलने पर वह अपनी पार्टी से मैदान में उतर गए । पिछले दिनों पडरौना सदर से विधायक रहे स्वामी प्रसाद मौर्य को अपने पुराने लोगों पर भरोसा है , स्वामी प्रसाद मौर्य को कुशवाहा मतों पर भरोसा है और भाजपा ने पुराने नेता एन पी कुशवाहा को चुनाव प्रचार में उतारा है ताकि कुशवाहा वह इधर से उधर ना हो ।
स्वामी प्रसाद ने शुभ नारायण चौहान द्वारा इनकार करने के बाद। स्वामी प्रसाद मौर्य और शुभ नारायण चौहान ने बसपा से राजनीति शुरू की थी बाद में स्वामी प्रसाद मौर्य भाजपा और फिर पुनः सपा में गए । अब खुद को राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी बनाकर खुद चुनाव में है । उन्होंने यह पार्टी बनाने के बाद खुद को कुशीनगर से तथा शुभ नारायण को देवरिया संसदीय सीट से अपनी पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया था । किन्तु शुभ नारायण चौहान ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसके लिए इंकार कर दिया था और बसपा के टिकट पर मैदान में उनके सामने उतरे हैं।
सं सोनिया
वार्ता
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