Monday, Jun 24 2019 | Time 19:07 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • उप्र में कई स्थानों पर बारिश,लखनऊ में उमस से लोग बेहाल
  • शाकिब-मुशफिकुर के अर्धशतक, बंगलादेश के 262
  • शाकिब-मुशफिकुर के अर्धशतक, बंगलादेश के 262
  • सेंसेक्स 72 अंक, निफ्टी 24 अंक लुढ़का
  • पंसारे हत्या के आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा
  • फोटो कैप्शन दूसरा सेट
  • देश के विभिन्न हिस्सों में तेज बारिश के आसार
  • दिमागी बुखार के मामले में बिहार और उत्तर प्रदेश को उच्चतम न्यायलय ने दिया नोटिस
  • अभिभाषण में महापुरूषों के राष्ट्र निर्माण में योगदान की अनदेखी अस्वीकार्य
  • मलिक ने राजौरी सड़क हादसे पर जताया शोक
  • अफगानिस्तान में 78 तालिबानी आतंकवादी मारे गये
  • 21 जुलाई को होगा जूनागढ़ मनपा का चुनाव
  • मेहुली 10 मी राइफल और चिंकी 25 मी पिस्टल में जीतीं
  • चिकित्सा सेवा कर्मियों की सुरक्षा के लिए पंजाब का कानून चंडीगढ़ यूटी में लागू होगा
  • जल्द ही ई-चिप वाले पासपोर्ट जारी होंगे
दुनिया


ईरान पर प्रतिबंधों से ओपेक को खतरा

तेहरान 07 जुलाई (वार्ता) ईरान के पेट्रोलियम मंत्री के सलाहकार मोय्यद होसैनी सद्र ने अमेरिकी प्रतिबंधों को तेल उत्पादक देशों के संगठन (ओपेक) के लिए गंभीर खतरा बताया है।
श्री सद्र ने शनिवार को कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों से ओपेक के खत्म होने की आशंका बढ़ जायेगी।
श्री सद्र ने इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी से कहा, “अमेरिका का यह मानना है कि वह तेल की कमी को सऊदी अरब के जरिए पूरी कर सकता है लेकिन उसे यह समझ लेना चाहिए कि वह अपने इस कदम से ओपेक की योजना को नुकसान पहुंचा रहा है, चूंकि ईरान दुनिया के कुल तेल उत्पादन का पांच प्रतिशत उत्पादन करता है।”
श्री सद्र ने कहा कि यदि ईरान पर प्रतिबंध जारी रहे तो ओपेक जैसा संगठन समाप्त हो जायेगा।
अमेरिका के परमाणु समझौते से अलग होने के बाद शुक्रवार को पहली बार ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जर्मनी और रूस के मंत्रियों ने ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में ईरान के मंत्री से मुलाकात की। इस बैठक में अमेरिकी प्रतिबंधों के ऐवज में ईरान को आर्थिक पैकेज देने पर विचार किया गया।
अमेरिका ने विभिन्न देशों को चार नवंबर तक ओपेक (तेल उत्पादक देशों के संगठन) के सदस्य ईरान से तेल आयात समाप्त करने के लिए कहा है। ऐसा नहीं करने वालों को अमेरिका ने आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी है।
श्री सद्र ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंध के कारण ईरान के तेल की बिक्री में गिरावट आ सकती है लेकिन विभिन्न कंपनियों द्वारा तेल की खरीद से इस नुकसान की पूर्ति की जा सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई में इस ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने की घोषणा की थी। इस समझौते के तहत ईरान ने उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमति जताई थी।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में ईरान ने अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ एक अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
रवि.संजय
वार्ता
image