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रूस हस्तक्षेप के बारे में गलत वाक्य का इस्तेमाल: ट्रंप

वाशिंगटन,18 जुलाई(रायटर) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में रूसी हस्तक्षेप नहीं होने के अपने बयान के बाद मचे विवाद को शांत करने का प्रयास करते हुए मंगलवार को कहा कि हेलसिंकी संवाददाता सम्मेलन में वह एक वाक्य गलती से बोल गए थे।
गौरतलब है कि श्री ट्रंप ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति के चुनावों में रूस की किसी भी तरह की भूमिका नहीें होने संबंधी बयान देकर पूरे विश्व को निस्तब्ध कर दिया था और इस बयान के बाद अमेरिकी खुफिया एजेंसियाें की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जाने लगे थे।
श्री ट्रंप ने उस बयान के बाद मंगलवार को अपना स्पष्टीकरण देते हुए कहा“ मैने ‘नहीं होगा’ शब्द के बजाए ‘होगा ’ शब्द का इस्तेमाल किया था और सही वाक्य कुछ इस तरह होना चाहिए था, मैं ऐसा कोई कारण नहीं देखता हूं कि अाखिर इसमें रूस का हाथ क्याें नहीं होगा।”
अमेरिकी कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी के कई सांसदों समेत कई अन्य सांसदों ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुए शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी पक्ष मजबूती से नहीं रखने को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की आलोचना की है।
अमेरिकी सांसदों का आरोप है कि सोमवार को फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुयी मुलाकात के दौरान श्री ट्रम्प ने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में कथित रूसी हस्तक्षेप का मुद्दा ठीक से नहीं उठाया और वह अमेरिका का पक्ष रखने में असफल रहे।
दरअसल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ शिखर वार्ता के दौरान श्री ट्रम्प ने अमेरिका की खुफिया एजेंसियों के विपरीत जाकर कहा था कि रूस के पास अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है। श्री पुतिन ने भी कहा कि रूस ने कभी अमेरिका के मामलों में हस्तक्षेप नहीं किया।
शिखर सम्मेलन के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में श्री ट्रम्प से अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप के आरोपों को लेकर पूछे जाने पर कि उन्हें अपनी खुफिया एजेंसियों पर भरोसा है या रूस के राष्ट्रपति पर। इसके जवाब में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “राष्ट्रपति पुतिन कहते हैं कि रूस ने ऐसा नहीं किया। मुझे उनके हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं दिखता।”
उनके हेलंसिकी के इस बयान के उन्हें अपने आलोचकों को जवाब देना भारी पड़ गया और खुद उनका स्टाफ भी अपने आपको इससे बचाने की कोशिश करने लगा था। रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों ने उन पर यह अारोप भी लगा दिया था कि वह अपने देश की सुरक्षा के बजाए प्रतिद्वंदी का पक्ष ले रहे हैं।
इस बयान से हुई आलोचना के बाद श्री ट्रंप ने “मामले को शांत करने” का प्रयास करते हुए कहा“ मुझे अपनी खुफिया एजेंसियाें पर पूरा भरोसा है अौर मैने उनके विश्लेषणों काे स्वीकार किया है और उस दौरान काफी लोग शामिल हों सकते हैं।”
उनके इस बयान के बाद रूसी समाचार पत्र “रोसिस्स्काया गजेटा” ने प्रमुखता से यह खबर छापी थी“ रूस काे अलग थलग करने के पश्चिमी देशों के प्रयास विफल” हुए हैं।

जितेन्द्र
रायटर
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