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‘मौत के मुंह से लौटना किसी चमत्कार से कम नहीं’

चियांग राई 18 जुलाई (रायटर) थाईलैंड में गुफा से बचाए गए 12 लड़कों और उनके कोच ने बुधवार को पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपनी व्यथा कथा सुनाते हुए कहा,“मौत के मुंह से लौटना किसी चमत्कार से कम नहीं।”
थाईलैंड के उत्तरी प्रांत चियांग राई की डरावनी गुफा में 18 दिनों तक मौत से लड़कर निकले जूनियर फुटबॉल टीम के ख़िलाड़ी आज मीडिया के सामने आये। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल पर न केवल हवा में हाथ लहराये, बल्कि मुस्कुराहट बिखेरते हुए पारंपरिक तरीके (वाई) से अभिवादन भी किया।
सरकार ने ‘थाईलैंड मूव्स फॉरवर्ड’ कार्यक्रम में बच्चों और उनके कोच के समाचार सम्मेलन के लिए 45 मिनट का समय तय किया था। इसका प्रसारण शाम छह बजे सरकारी टेलीविजन और दर्जनों अन्य चैनलों पर किया गया।
ग्यारह से 16 वर्ष की आयु वर्ग के ये बच्चे अपने 25 वर्षीय कोच के साथ गत 23 जून को थाम लुआंग गुफा परिसर में घूमने गये थे। उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पा रहा था। बाद में कई देशों की मदद से थाईलैंड सरकार ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया जिसके बाद उनका पता लगाया जा सका। कई दिनों के अंतरराष्ट्रीय अभियान के बाद उन सभी को सुरक्षित बचा लिया गया।
‘वाइल्ड बोअर्स’ क्लब के इन खिलाड़ियों को निर्धारित दिन से एक दिन पहले ही छुट्टी दे दी गई। बच्चे आज अपने-अपने घर पहुंच जाएंगे। इससे पहले टीम के बच्चों को फुटबॉल किट पहने तीन मिनी बसों में सवार होकर अस्पताल से चैनल के कार्यालय में लाया गया। उन्हें चियांग राइ प्रांत के अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
गुफा में जिंदा रहने के लिए बिताए खौफनाक समय को याद करते हुए टीम के एक लड़के ने कहा,“मैंने कहा कि हर कोई संघर्ष जारी रखो, निराशा मत हो।”
एक अन्य 14 वर्षीय अदुल सैम ओन ने गत दो जुलाई को ब्रिटीश गोताखारों द्वारा उनका पता लगाये जाने पर हैरानी जाहिर करते हुए कहा,“ यह जादुई था। मुझे उनके सवालों का जवाब देने से पहले बहुत कुछ सोचना पड़ा।”
विदेशी गोताखाेरों द्वारा बच्चों का पता लगाये जाने के बाद सभी बच्चों और उनके कोच को थाईलैंड नेवी सील और विशेषज्ञ गोताखारों की टीम ने मिलकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस काम को महज तीन दिनों के भीतर पूरा किया गया।
इन बच्चों काे गुफा के अंदर सुरक्षित रखने में उनके कोच एक्कपोल चान्तावोन्ग ने भी अहम भूमिका अदा की। उनके पास भोजन गुफा में घूसने के कुछ ही देर बाद समाप्त हो गयर थी। उन्होंने जिंदा रहने के लिए गुफा के भीतर टपकने वाले पानी पर निर्भर रहना पड़ा। एक्कपोल ने कहा,“हमने बाहर निकलने के लिए गुफा दीवारों की खुदाई भी की। हमलोग अधिकारियों के द्वारा हमारा पता किये जाने का इंतजार नहीं करना चाहते थे।”
बच्चों और उनके कोच ने बचाव अभियान के दौरान थाइ नेवी के पूर्व गोताखोर की मौत पर दुख जताते कहा कि वो इसके लिए खुद को कसूरवार मानते हैं। इन बच्चों ने अपने भविष्य को लेकर भी चर्चा की। किसी ने कहा कि वो नेशनल फुटबॉल टीम के लिए खेलना चाहता है तो किसी ने नेवी सील बनने की बात कही।

संजय, नीरज
वार्ता
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अल्जीरिया में मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराये गए 93 बच्चे

अल्जीरिया में मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराये गए 93 बच्चे

19 Nov 2018 | 2:47 PM

अल्जीयर्स, 19 नवंबर ( शिन्हुआ) अल्जीरिया में अधिकारियों ने मानव तस्करों से चंगुल से विभिन्न अफ्रीकी देशों के 93 बच्चों को मुक्त कराया है।

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