Tuesday, Jan 22 2019 | Time 17:42 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • लीजेंड नडाल और जायंट किलर सितसिपास सेमीफाइनल में
  • नैनीताल में पत्नी को मारने के बाद पति ने की आत्महत्या
  • लगातार तीसरे दिन टूटा रुपया
  • जींद की जनता बाहरियों को नहीं बल्कि स्थानीय उम्मीदवार को वोट करेगी: अरोड़ा
  • चेन्नई सर्राफा के भाव
  • नीतीश ने महत्वपूर्ण योजनाओं में तेजी लाने के दिये निर्देश
  • उत्तराखंड में बारिश, हिमपात से जनजीवन प्रभावित
  • लाेकसभा चुनाव के बाद पता चल जायेगा सबसे बड़ा डकैत कौन : अखिलेश
  • अरहर दाल,चावल उछला;चीनी गिरी
  • हेमलेज़ का भारत में सबसे बड़ा टॉय स्टोर
  • शांति एक्सप्रेस गांधीनगर-अहमदाबाद के बीच रहेगी निरस्त
  • गुजरात में सड़क हादसों में पुलिस कर्मी सहित तीन की मौत
  • आर्थिक रूप से कमजोर को आरक्षण के खिलाफ तहसीन पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
  • खरीद से एफसीआई के पीछे हटने का मुद्दा केन्द्र के समक्ष उठायेगा पंजाब
  • शोपियां मुठभेड़ स्थल पर झड़प, चार मीडियाकर्मी सहित कई घायल
दुनिया Share

अफगान उपराष्ट्रपति के स्वदेश लौटते ही बम विस्फोट, 14 मरे

काबुल 22 जुलाई (रायटर) अफगानिस्तान के निर्वासित उप राष्ट्रपति अब्दुल राशिद दोस्तम रविवार को स्वदेश लौटने के कुछ ही समय बाद राजधानी काबुल के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 50 से अधिक घायल हो गए। श्री दोस्तम हमले में बाल-बाल बच गये।
पुलिस ने बताया कि इस विस्फोट में कम से कम 14 लोग मारे गये और 50 से अधिक घायल हो गये। यह बम विस्फोट काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास हुआ। हवाई अड्डे पर जिस समय विस्फोट हुआ, उस समय श्री दोस्तम सरकारी अधिकारियों और समर्थकों की एक बड़ी भीड़ के साथ हवाई अड्डे से निकल रहे थे।
आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने हमले की जिम्मेेदारी ली है। संगठन की अमाक संवाद समिति ने बताया कि उसने फिदायीन हमलावर ने श्री दोस्तम के आगमन के अवसर पर मनाये जा रहे जश्न के बीच विस्फोट करके खुद को उड़ा लिया।
श्री दोस्तम के प्रवक्ता बशीर अहमद तयांज ने बताया कि दोस्तम का काफिला निकलने के दौरान विस्फोट की आवाज सुनाई दी। वह बख्तरबंद वाहन से चल रहे थे और सुरक्षित हैं।
गौरतलब है कि श्री दोस्तम मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों के कारण पिछले साल के मई से तुर्की में निर्वासन में रह रहे थे। उन पर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के साथ दुर्व्यवहार और उत्पीड़न का आराेप है। उज्बेक मूल के उपराष्ट्रपति का अफगानिस्तान के उत्तरी प्रांत में दबदबा है। उनके स्वदेश लौटने के फैसले के बाद से ही अफगानिस्तान में हिंसा की आशंका जतायी जा रही थी।
यामिनी, नीरज
रायटर
More News
अफगानिस्तान तालिबान हमले में 126 जवान मारे गये

अफगानिस्तान तालिबान हमले में 126 जवान मारे गये

22 Jan 2019 | 3:27 PM

काबुल, 22 जनवरी (वार्ता) अफगानिस्तान में काबुल के सैन्य अड्डे पर तालिबानी आतंकवादियों के हमले में 126 सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गयी है और 70 अन्य घायल हो गए है।

 Sharesee more..
image