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युगांडा-भारत कई सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर करेंगे

कम्पाला, 24 जुलाई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की युगांडा यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन काे कम करने के उपायों पर बातचीत की जायेगी और ऊर्जा, रक्षा एवं फिल्म निर्माण से संबंधित कई सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किये जायेंगे।
किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पिछले 21 वर्षों के दौरान युगांडा का यह पहला दौरा है। श्री मोदी की यहां पहुंचने पर विदेश मंत्री साम कुटेसा ने अगवानी की। युगांडा के साथ होने वाले समझौते भारत के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे।
विदेश मंत्रालय के स्थायी सचिव पैट्रिक मुगोया ने कहा,“ भारत-युगांडा के रिश्तों के मद्देनजर यह दौरा काफी महत्वपूर्ण है।
युगांडा और भारत के बीच 1965 में कूटनीतिक संबंध बने थे, दोनों के बीच हालांकि 1900 सदी में ही रिश्ते कायम हो गये थे जब ब्रिटिश हुकूमत के दौरान अंग्रेज हजारों भारतीयों को मोम्बासा-कम्पाला रेल लाइन के निर्माण के लिए मजदूर के रूप में यहां लाये थे।
दोनों देशों के बीच संबंधों में उस समय कुछ खटास आयी जब 1970 में तत्कालीन राष्ट्रपति ईदी अमीन ने अर्थव्यवस्था के राष्ट्रीयकरण की शुरुआत की थी और 60 हजार भारतीयों काे देश निकाला दे दिया था। राष्ट्रपति मुसेवेनी के सत्ता संभालने पर 1980 में भारत-युगांडा के संबंध सामान्य होने लगे और बड़ी संख्या में भारतीय युगांडा वापस आ गये।
श्री माेदी और राष्ट्रपति मुसेवेनी के बीच अप्रैल में लंदन में राष्ट्रमंडल देशों के प्रमुखों की बैठक के दौरान कुछ समय के लिए बातचीत हुई थी। दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत करने के प्रयास के क्रम में भारत युगांडा में बिजली लाइनों के निर्माण और कृषि क्षेत्र के साथ डेयरी उत्पादों के लिए आर्थिक मदद दे रहा है।
श्री मोदी राष्ट्रपति मुसेवेनी से स्टेट हाउस इन्टेब्बे में आज द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसके बाद वह युगांडा के कोलोलो इन्डेपेन्डेन्स ग्राउंड पर भारतीय समुदाय को संबोधित करेंगे। श्री मोदी बुधवार को सेरेना होटल में भारत-युगांडा बिजनेस फोरम को संबोधित करने के बाद पार्लियामेंट में अपना संबोधन देंगे।
श्रवण, यामिनी
वार्ता
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