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श्री मोदी ने अफ्रीकी महाद्वीप में व्यापार मुक्त क्षेत्र की सराहना करते हुए कहा कि वह अफ्रीका के क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण के विविध प्रयासों का स्वागत करते हैं।
मुक्त व्यापार और वाणिज्य ने पिछले तीन दशकों में करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। वैश्वीकरण और विकास के लाभ को लोगों तक पहुंचाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेताया कि संरक्षणवादी शक्तियों से वैश्वीकरण के मूलभूत ढ़ांचे को खतरा है।
श्री मोदी ने कहा, “ डिजिटल क्रांति से नयी संभावनाएं उत्पन्न हो रही है इसलिए हम अब एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़े हैं। सर्वाधिक महत्वपूर्ण है कि हम ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और बिग डाटा एनालिटिक्स से होने वाले बदलावों को लेकर स्वयं को तैयार करें। कुशल कार्यबल और डिजिटल अवसंरचना में निवेश हमारे लिए आवश्यक है।”
समावेशी वैश्विक मूल्य श्रृंखला, कामगारों की गतिशीलता, गतिमान सामाजिक सुरक्षा के ढ़ांचे और सक्षम प्रेषण गलियारों को भी प्राथमिकता दी जा रही है। दक्षिण-दक्षिण सहयोग के अंतर्गत तकनीकी सहयोग, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए भारतीय विदेश नीति ने अन्य विकासशील देशों के साथ अपने विकास के अनुभवों को साझा करने को महत्वपूर्ण स्थान प्रदान किया है।”
श्री मोदी ने कहा कि भारत विकासशील देशों को उनकी आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं के अनुरूप अवसंरचना उन्नयन और बिजली, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा,“ भारत भविष्य में भी प्राथमिकता के अाधार पर अन्य विकासशील देशों के साथ विकास के अनुभवों को साझा करता रहेगा।”
दिनेश.श्रवण
वार्ता
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