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इसी बीच, ईरान की शक्तिशाली सेना रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तेहरान के साथ बातचीत की पेशकश को खारिज कर दिया है।
ईरान की फार्स समाचार एजेंसी से मंगलवार को बातचीत के दौरान रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद अली जाफरी ने कहा, “श्री ट्रम्प। ईरान उत्तर कोरिया नहीं है जो बैठक के लिए आपके प्रस्ताव को स्वीकार कर ले। आपके बाद बनने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति भी वो दिन नहीं देख पायेंगे।”
अमेरिका के ईरान परमाणु समझौते से अलग होने के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी तल्ख हुए हैं। मई में श्री ट्रम्प ने इस अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते से अमेरिका के अलग होने की घोषणा की थी।
उल्लेखनीय है कि 22 जुलाई को श्री ट्रम्प ने एक ट्वीट कर ईरानी राष्ट्रपति को चेतावनी देते हुए कहा,“अमेरिका को कभी भी धमकी न दें अथवा आप ऐसे परिणामों का सामना करेंगे, जिससे अब तक इतिहास में कुछ ही पीड़ित हुए हैं। अब हम एक ऐसा देश नहीं हैं जो हिंसा और मृत्यु के आपके विक्षिप्त शब्दों के लिए खड़े रहेंगे। सचेत रहो।”
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने भी एक ट्वीट कर अमेरिकी राष्ट्रपति को चेतावनी दी थी कि अमेरिका ईरान के खिलाफ शत्रुतापूर्ण नीतियां न अपनाये अन्यथा ‘ईरान के साथ युद्ध नहीं महायुद्ध’ के लिए तैयार रहे।
गौरतलब है कि वर्ष 2015 में ईरान ने अमेरिका, चीन, रूस, जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत ईरान ने उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के बदले अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने पर सहमति जताई थी।
रवि
रायटर
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