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एमिस ने कहा कि पेमेनांग की ध्वस्त हुई दो मंजिली मस्जिद की ईंट और स्टील के छड़ों के मलबे से हल्की आवाज आती हुई सुनी। यहां चार लोगों के फंसे होने की आशंका है।
बसरनास के एक अधिकारी टेडी आदित्य ने रायटर से कहा, “ हम वहां तक पहुंचने के प्रयास में हैं। हमारे पास एक मशीन है जो कंक्रीट में छेद कर सके या उसे काट सके। हम भारी औजार की प्रतीक्षा कर रहे हैं।”
बीएनपीपी ने कहा कि भूकंप के कारण 13,000 से ज्यादा मकानों को नुकसान पहुंचा है और इससे 20,000 से ज्यादा लोगों को अपना ठिकाना बदलना पड़ा है। इनमें से अधिकतर लोग खुली जगहों पर रह रहे हैं और उनको भोजन, दवाइयां और अन्य सहायता की जरूरत है।
अपने मकान के मलबे से दस्तावेज ढूंढने के प्रयास में जुटे 45 वर्षीय रिदुआन ने कहा कि उन्हें अभी तक किसी भी प्रकार की सहायता नहीं मिली है और उन्होंने खुद से ही भोजन खरीदा है। उन्होंने कहा, “ हमें कुछ नहीं मिलता है।” उनके मकान का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।
सहायता मुहैया कराने वाली एजेंसी ओक्सफैम ने कहा कि वह 5,000 लोगों को पेयजल और तिरपाल मुहैया करा रही है, लेकिन इससे कहीं ज्यादा सहायता मुहैया कराए जाने की जरूरत है।
उसने एक बयान में कहा, “हजारों लोग खुले आसमान के नीचे हैं। उन्हें पेयजल, भोजन, दवाइयां और कपड़ों की जरूरत है। बहुत ज्यादा रुखा मौसम होने के कारण पेयजल की कमी है। यह एक बड़ी मुसीबत है।”
अमित.श्रवण
रायटर
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