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दुनिया


श्रीलंका, चीन को हम्बनटोटा द्वीप का नहीं करने देगा सैन्य इस्तेमाल

कोलंबो 22 अगस्त (वार्ता) श्रीलंका ने कहा है कि वह चीन को अपने हम्बनटोटो द्वीप का सैन्य इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा।
जापान के एनएचके टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार को जापान के रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनोदेरा ने श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से मुलाकात की। इस दौरान श्रीलंका के रक्षा मंत्री रुवन विजेवर्दने भी मौजूद थे। इस मुलाकात में हम्बनटोटो द्वीप के मुद्दे पर चर्चा की गयी। श्रीलंका के समझौते के अनुसार द्वीप को लीज पर दिये जाने के बावजूद इसका सैन्य इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
जापान ने श्रीलंका के समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। श्री ओनोदेरा अपनी श्रीलंका यात्रा के दौरान हम्बनटोटा और त्रिंकोमली की भी जाएंगे।
इससे पहले मंगलवार को श्री विजेवर्दने ने श्री ओनोदेरा से कोलंबो में मुलाकात की। श्री ओनोदेरा ने कहा कि नौ परिवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए हम्बनटोटो द्वीप सभी देशों के लिए खुला रहना चाहिए। श्री विजेवर्दने ने कहा कि उनका देश चीन को द्वीप का सैन्य इस्तेमाल नहीं करने देगा। श्री ओनोदेरा ने श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना से भी मुलाकात की।
हम्बनटोटो द्वीप दक्षिणी श्रीलंका में स्थित है। यह दुनिया के सबसे व्यस्ततम पूर्वी-पश्चिमी नौपरिवहन मार्ग पर स्थित है। चीन यहां पैर पसारने का प्रयास कर रहा है।
श्रीलंका ने पिछले वर्ष चीन की एक कंपनी को 1.1 अरब डालर के ऐवेज में इस द्वीप को 99 वर्षों के लिए लीज पर दिया था। श्रीलंका का कहना है कि उसे द्वीप को चीनी कंपनी को लीज पर देने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि पूर्व राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षे की सरकार ने द्वीप के विकास और इसे विश्व स्तरीय बंदरगाह बनाने के उद्देश्य से चीन से ऋण लिया था जिसका भुगतान कर पाने में श्रीलंका असमर्थ है।
दिनेश.श्रवण
वार्ता
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