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श्री मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के बीच सदियों पुराने संपर्क हमारे संबंधों को एक मजबूत नींव प्रदान करते हैं। बौद्ध धर्म और चिंतन को इन संपर्कों की विशेष कड़ी बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत 2020 में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का आयोजन करेगा। वह सभी बिम्सटेक सदस्य देशों को इस अवसर पर अतिथि के रूप में भागीदारी का निमंत्रण देते हैं। युवा पीढ़ी के बीच संपर्क को प्रोत्साहन देने के लिए बिम्सटेक युवक सम्मेलन और बिम्सटेक बैंड उत्सव के आयोजन का भी उन्होंने प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि भारत साथ ही बिम्सटेक युवक जल क्रीडा का भी आयोजन कर सकता है।
सभी सदस्य देशों में कृषि के महत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि अनुसन्धान, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में सहयोग के लिए भारत जलवायु अनुकूल कृषि प्रणाली पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन का आयोजन करेगा। डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भारत अपने राष्ट्रीय ज्ञान नेटवर्क को श्रीलंका, बंगलादेश, भूटान और नेपाल में बढ़ाने के लिए पहले से ही प्रतिबद्ध है। अब इसे म्यांमार और थाईलैंड में भी बढ़ाने का प्रस्ताव है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि सभी बिम्सटेक देश आगामी अक्टूबर में नई दिल्ली में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस में शामिल होंगे। बिम्सटेक सदस्य देशों के साथ संपर्क बढ़ाने में भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की अहम भूमिका होगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए सरकार ने विशेष पहल की है। इस कार्यक्रम को बिम्सटेक सदस्य देशों के लिए बढाने का भी भारत का प्रस्ताव है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हिमालय और बंगाल की खाड़ी से जुड़े देश बार-बार प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते रहते हैं। इसे देखते हुए एक दूसरे के साथ मानवीय सहायता और आपदा राहत प्रयासों में परस्पर सहयोग और समन्वय बहुत आवश्यक है। साथ ही हमारी भौगोलिक स्थिति वैश्विक सामुद्रिक व्यापारिक मार्गों से जुड़ी होने के कारण समुद्री उत्पाद आधारित अर्थव्यवस्था का भी विशेष महत्व है। डिजिटल युग में साइबर अर्थव्यवस्थाओं का महत्त्व भी निरंतर बढ रहा है। भारत दूसरे वार्षिक बिम्सटेक आपदा प्रबंधन की मेज़बानी के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि बिम्स्टेक में ऐसा कोई देश नहीं है जिसने आतंकवाद और उससे जुड़े अपराधों तथा मादक पदार्थों की तस्करी जैसी समस्यओं का सामना नहीं किया हो। भारत इसके लिए भी एक सम्मेलन का आयोजन करने के लिए तैयार है। यह स्पष्ट है कि ये समस्याएं किसी एक देश की कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है। इनका सामना करने के लिए सबको एकजुट होना होगा। इसके लिए यथोचित कानूनों और नियमों का फ्रेमवर्क खड़ा करना होगा। इस दिशा में महिला सांसदों का आपसी संपर्क सहायक साबित हो सकता है। उन्होंने प्रस्ताव किया कि बिम्सटेक महिला सांसदों की फोरम बनायी जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दो दशकों में बिम्सटेक ने उल्लेखनीय प्रगति की है लेकिन अभी लंबी यात्रा पूरी करनी है। आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ करने की दिशा में बहुत संभावनाएं हैं।
बिम्स्टेक दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के सात राष्ट्रों का क्षेत्रीय समूह है जिसमें भारत सहित दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के सदस्य देश बंगलादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यामांर और थाईलैंड भी हैं। आतंकवाद का मुद्दा बिम्स्टेक देशों के बीच बातचीत का बहुत महत्वपूर्ण विषय है। इस समूह को कुछ हलकों में क्षेत्र के अन्य देशों से पाकिस्तान को ‘अलग-थलग’ करने की कोशिशों के रूप में देखा जा रहा है।
संजीव.श्रवण
वार्ता
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