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मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिए ‘असुरक्षित’ 38 देशों की सूची जारी

जेनेवा 12 सितंबर (रायटर) संयुक्त राष्ट्र(संरा) ने बुधवार को भारत,चीन और रूस समेत 38 ऐसे देशों की सूची जारी की जो मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के लिए ‘असुरक्षित’ हैं।
संरा ने यह सूची मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की प्रतिशोध की भानवा से होने वाली हत्याआें, उन्हें दी जाने वाली यातनाओं तथा मनमाने तरीके से उन्हें गिरफ्तार किये जाने की घटनाओं के आधार पर तैयार की है।
संरा महासचिव एंटोनियो गुटेरेस द्वारा जारी वार्षिक रिपोर्ट में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ बुरे बर्ताव, उन पर लगातार निगरानी और सार्वजनिक तौर पर उन्हें बदनाम करने के लिए चलाए जाने वाले अभियानों को भी
ध्यान में रखा गया है।
महासचिव ने बयान में कहा,“विश्व मानवाधिकारों के लिए काम करने वाले बहादुर लोगों का एहसानमंद है, जिन्होंने हमें जानकारी प्रदान की। संरा के साथ सहयोग करने वाले व्यक्तियों को दंडित करना शर्मनाक है। हमें इस व्यवस्था को खत्म करने के लिए बहुत कुछ करने की जरूरत है। ”
इस 38 देशाें की सूची में नये मामलों के साथ 19 नये देशों को शामिल किया गया है जबकि 19 देशों को मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर पुरानी या जारी घटनाओं के लिए इस सूची में जगह दी गई है।
नए देशों में बहरीन, कैमरून, चीन, कोलंबिया, क्यूबा, कांगो, जिबूती, मिस्र, ग्वाटेमाला, गुयाना, होंडुरास, हंगरी, भारत, इजरायल, किर्गिस्तान, मालदीव, माली, मोरक्को, म्यांमार, फिलीपींस, रूसी , रवांडा, सऊदी अरब, दक्षिण सूडान, थाईलैंड, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, तुर्की, तुर्कमेनिस्तान, और वेनेज़ुएला शामिल हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इन देशों की सरकारों ने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को आतंकवाद में सहयोग करने या विदेशी संस्थाओं को मदद करने अथवा देश की प्रतिष्ठा एवं सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के लिए दोषी ठहराया है।
अगले सप्ताह संरा मानवाधिकार आयोग के सहायक महासचिव का पद संभालने वाले एंड्रे गिलमौर ने कहा, “नागरिकों को डराने या चुप करने के लिए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक हथकंड़ें अपनाए जाने की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।”
संतोष आश
रायटर
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