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पायलट की पांच दिवसीय जनसंघर्ष पद यात्रा का समापन

पायलट की पांच दिवसीय जनसंघर्ष पद यात्रा का समापन

जयपुर 15 मई (वार्ता) राजस्थान में भ्रष्टाचार की मांग को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की अजमेर से जयपुर तक की पांच दिवसीय जन संघर्ष यात्रा का आज यहां समापन हो गया।

इस अवसर पर एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया जिसमें जनसैलाब उमड़ पड़ा और विभिन्न जिलों से आये हजारों लोगों ने इसमें भाग लिया। इनमें किसान ,युवा एवं महिलाएं शामिल थी। इसमें पायलट समर्थित मंत्रियों, विधायकों, पार्टी के अन्य कई नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता सहित आमजन शामिल थे। इस मौके 28 वर्तमान, पूर्व मंत्री एवं विधायक, पांच राज्य सरकार में बोर्ड अध्यक्ष, सात प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारी, दस जिला कांग्रेस अध्यक्ष 17 लोकसभा एवं विधान सभा कांग्रेस प्रत्याशी, अन्य छात्र संघ, युवा, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक विभाग के नेता मौजूद थे।

श्री पायलट ने सभा को संबोधित किया। इसी तरह वन मंत्री हेमाराम चौधरी, सैनिक कल्याण मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेन्द्र सिंह शेखावत एवं अन्य ने भी सभा को संबोधित किया।

इस मौके श्री पायलट ने कहा "मैंने एक महीने पहले अनशन किया और वसुंधराजी की सरकार की भ्रष्टाचार के जांच की मांग की, गत नौ मई को मुझे लगा कि भ्रष्टाचार की जांच नहीं हो रही। तो मैंने जनता के बीच जाना तय किया और यह जन संघर्षयात्रा की। विपक्ष में रहते हुए हमने वसुंधरा जी की सरकार का विरोध किया। जमीन माफिया, खान माफिया, शराब माफिया हर तरह का माफिया सक्रिय था। तब मैंने और गहलोतजी ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाए । आज साढ़े चार साल हो गए लेकिन इस दौरान कोई कार्रवाई नहीं हुई। हमारी कथनी और करनी में अंतर नहीं होना चाहिए।"

उन्होंने कहा"मेरा सवा सौ किमी चलना पीड़ा नहीं है बल्कि पीड़ा तो वो है। जब एक स्टूडेंट ताकत लगाकर तैयारी करता है और फिर पेपर लीक हो जाता है। पीड़ा उस अभ्यर्थी की और पेपर लीक की बड़ी है।" उन्होंने कहा कि पेपर लीक में भ्रष्टाचार होता है। पूरे तंत्र को बदलना पड़ता है।

श्री पायलट ने कहा " यह जन संघर्ष यात्रा नौजवानों का भरोसा जताने के लिए हैं। मुझे चाहे कोई कितनी गाली दो, कोई आरोप लगाओ। मुझे चिंता नहीं है। जनता आप ही गणेश हो आप ही जनार्दन हो और आप ही माई–बाप हो। जब की जिन लोगों ने भ्रष्टाचार किया है उसका दूध का दूध और पानी का पानी नहीं हुआ। तो लोग सवाल उठाएंगे ।मुझे और मेरे परिवार को राजनीति में 40 साल से ज्यादा हो गए।अब चाहे नेट बंद करो या बिजली बंद करो। कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। यह जनता सब जानती है मुझे जो समर्थन मिला, वह मुझे नहीं। बल्कि उन मुद्दों को मिला है, जो मैने उठाए। मैं किसी पद पर रहूं या ना रहूं, राजस्थान की जनता की सेवा अपनी आखिरी सांस तक करता रहूंगा । मैं डरने वाला नहीं हूं।नौजवानों के पांवों के छालों की कसम।मैं संघर्ष से पीछे नहीं हटूंगा।"

उन्होंने कहा " भ्रष्टाचार के आरोपों पर मैंने तो मिलीभगत की बात की ही नहीं। लेकिन अब कोई दूध और नींबू की बात करके सफाई दे रहा है। तो कोई कह रहा है, मेरी कितनी बार बात हुई और कितनी बार नहीं। मैंने तो कोई मिलीभगत के आरोप लगाए ही नहीं।

उन्होंने कहा " हमने बात रखी, दिल्ली ने हमारी बात सुनी। लेकिन गत 25 सितंबर को जो अनुशासन तोड़ा। उसने कांग्रेस पार्टी की बेइज्जती की। हमारे लिए सब कुछ यह जनता है और हम न्याय लेकर रहेंगे।

उल्लेखनीय है कि ‌श्री पायलट पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में हुए भ्रष्टाचार और युवाओं के मुद्दों को लेकर गत 11 मई को अजमेर से पदयात्रा की शुरुआत की थी। अजमेर से शुरू हुई उनकी पदयात्रा 125 किमी से अधिक की दूरी तय करते हुए आज जयपुर पहुंची। पदयात्रा के दौरान अजमेर से चलकर किशनगढ़, दूदू, माहला, महापुरा से गुजरते हुए जयपुर पहुंची।

जोरा

वार्ता

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