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जेट एयरवेज निदेशक मंडल की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को

मुंबई, 15 अप्रैल (वार्ता) वित्तीय संकट में फँसी निजी विमान सेवा कंपनी जेट एयरवेज के निदेशक मंडल की मंगलवार को यहाँ एक महत्त्वपूर्ण बैठक होने वाली है जिसमें आगे का रुख तय किया जायेगा।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनय दुबे ने सोमवार को बताया कि ऋणदाताओं के कंसोर्टियम से फौरी राहत के तौर पर प्रस्तावित राशि अभी कंपनी को नहीं मिली है। ऐसे में कंपनी ने अपनी सभी अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें 18 अप्रैल तक के लिए रद्द कर दी हैं। इससे पहले उसने 12 से 15 अप्रैल तक की सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी थी।
श्री दुबे ने बताया कि कंपनी के निदेशक मंडल की मंगलवार सुबह बैठक होनी है। इसमें कंपनी प्रबंधन निदेशक मंडल से आगे के लिए दिशा-निर्देश माँगेगा। निदेशक मंडल को मौजूदा स्थिति और ऋणदाताओं के साथ बातचीत में हुई प्रगति के बारे में भी अवगत कराया जायेगा।
उल्लेखनीय है कि आठ ऋणदाता बैंकों के कंसोर्टियम को निदेशक मंडल ने 11 करोड़ 40 लाख नये शेयर जारी करने का फैसला किया था। ऋणदाताओं को ये शेयर बेचकर अपने ऋण की वसूली करनी थी। साथ ही वे 1,500 करोड़ रुपये की राशि फौरी राहत के तौर पर जेट एयरवेज को देने वाले थे ताकि वह फिलहाल परिचालन जारी रख सके लेकिन, यह राशि अभी उसे नहीं मिली है।
नकदी की कमी के कारण कंपनी ठप होने की कगार पर पहुँच गयी है। उसके 10 से भी कम विमान परिचालन में रह गये हैं। वह ऋणदाताओं को कर्ज का किस्त चुकाने में विफल रही है और बैंकों के कंसोर्टियम ने समाधान प्रक्रिया के तहत उसकी 75 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने के लिए निविदा आमंत्रित की है। वित्तीय निविदा जमा कराने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल है।
विमानों का किराया नहीं चुकाने के कारण विमान पट्टे पर देने वाली कंपनियों ने विमान वापस ले लिये हैं। कंपनी ने जनवरी से पायलटों, इंजीनियरों और प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों को वेतन नहीं दिया है। अन्य कर्मचारियों को आंशिक वेतन मिल रहा था, लेकिन उनका मार्च का वेतन अब तक नहीं दिया गया है।
अजीत.श्रवण
वार्ता
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