Thursday, Oct 17 2019 | Time 09:14 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • रिश्वत कांड में अखबार का संपादक गिरफ्तार
  • इजरायली सेना से झड़पों में 18 फिलीस्तीनी घायल
  • फिलीपींस में भूकंप से मरने वालों की संख्या 5 हुई
  • इराक ने आईएस के कई आतंकवादी हिरासत में लिए
  • अमेरिकी सांसद तुर्की के खिलाफ प्रतिबंध लगाने पर प्रस्ताव पेश करेंगे
  • सऊदी अरब में सड़क हादसे में 35 की मौत
  • ईयू द्वारा अमेरिकी कंपनियों पर डिजिटल टैक्स से ट्रंप नाखुश
  • फिलीपींस में भूकंप से एक की मौत,कई घायल
  • भाजपा ने देश को कांग्रेस के चंगुल से बचाया : स्मृति ईरानी
  • सीरिया में सैन्य गठबंधन ने अपने सैन्य शिविर को नष्ट किया
बिजनेस


चीन के साथ व्यापार असंतुलन दूर करना जरूरी: मिस्री

नयी दिल्ली 11 जुलाई (वार्ता) चीन में भारत के राजदूत विक्रम मिस्री ने कहा है कि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 53.6 अरब डॉलर का है जिसे कम करने के लिए पड़ोसी देश को जरूरी कदम उठाने चाहिये अन्यथा यह भारत में “राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा” बन सकता है।
श्री मिस्री ने साउथ चाइना पोस्ट अखबार के साथ बातचीत में कहा कि दोनों देशों को व्यापार - विशेषकर भारत कृषि उत्पादों के लिए चीन के बाजार खोलने - पर गहन वार्ता करनी चाहिये। दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन का यह स्तर दीर्घावधि में अव्यावहारिक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चीन सरकार इस मुद्दे पर और ध्यान देगी।
अमेरिका और चीन के बीच जारी व्यापार युद्ध के बीच भारत चीन के बाजार में अपने लिए अवसर तलाश रहा है। पिछले एक साल में भरात से पड़ोसी देश को मिर्च, चावल, मछली, खाद्य तेल और तंबाकू निर्यात के लिए कई करारों पर हस्ताक्षर हुये हैं।
हांगकांग स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के दौरे पर गये श्री मिस्री ने समाचार पत्र से कहा कि आने वाले महीनों ऐसे और समझौते किये जायेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इन समझौतों को लागू कर वास्तविक व्यापार में उनकी परिणति जरूरी है।
उन्होंने कहा “इनमें से कई क्षेत्रों में सरकारी एजेंसियाँ माल आयात करती हैं। हम उम्मीद करते हैं कि चीन की सरकार भारत से आयात बढ़ाने के प्रयास करेगी। उसके ऐसा करने से यह संकेत भी मिलेगा कि वह भारत के बढ़ते द्विपक्षीय घाटे को लेकर वाकई गंभीर है। लंबे समय में यह निश्चित रूप से अव्यावहारिक है और भारत में यह राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा बन सकता है।”
अगले महीने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी पर होने वाली वार्ता के बारे में श्री मिस्री ने कहा कि अब तक की बातचीन में माल पर ज्यादा जोर रहा है जिसमें चीन बढ़त की स्थिति में है। सेवा और निवेश में भारत मजबूत है, लेकिन अब तक इन पर फोकस नहीं किया गया है। भारत चाहता है कि इसमें उत्पाद के विनिर्माण के मूल स्थान संबंधी नियम कड़े किये जायें ताकि घरेलू बाजार में चीन के वस्तुओं की भरमार रोकी जा सके।
उन्होंने कहा कि भारत ने व्यापार को उदार बनाने की दिशा में काम किया है, लेकिन हम अब भी विकासशील देश हैं और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी जरूरी है।
अजीत, उप्रेती
वार्ता
More News
त्योहारी सीजन में कोटक महिन्द्रा ने खोला आकर्षक प्रस्तावों का पिटारा

त्योहारी सीजन में कोटक महिन्द्रा ने खोला आकर्षक प्रस्तावों का पिटारा

16 Oct 2019 | 8:15 PM

लखनऊ, 16 अक्टूबर (वार्ता) बैंकिग कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच त्योहारी मौसम में निजी क्षेत्र में अग्रणी कोटक महिन्द्रा बैंक ने ग्राहकों को आकर्षित करने की नीयत से कई आकर्षक प्रस्तावों की पेशकश की है।

see more..
रुपया 11 पैसे मजबूत

रुपया 11 पैसे मजबूत

16 Oct 2019 | 6:37 PM

नयी दिल्ली 16 अक्टूबर (वार्ता) दो दिन की गिरावट से उबरता हुआ रुपया बुधवार को अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में 11 पैसे मजबूत होकर 71.43 रुपये प्रति डॉलर पर पहुँच गया।

see more..
image