Friday, Oct 2 2020 | Time 01:20 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
पार्लियामेंट


अचानक लॉकडाउन की घोषणा से पूरा देश स्तब्ध हो गया था : शर्मा

अचानक लॉकडाउन की घोषणा से पूरा देश स्तब्ध हो गया था : शर्मा

नयी दिल्ली 16 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस के राज्यसभा में उपनेता आनंद शर्मा ने बुधवार को कहा कि कोरोना महामारी के मद्देनजर मार्च में अचानक किये गये राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से पूरा देश स्तब्ध रह गया था और इस महामारी ने देश में स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने की आवश्यकता बतायी है।

श्री शर्मा ने सदन में कोरोना महामारी पर चर्चा की शुरूआत करते हुये कहा कि काेरोना के कारण उत्पन्न अभूतपूर्व स्थिति के बारे में किसी ने कल्पना नहीं थी। न तो पहले की पीढ़ी ने और न ही वर्तमान पीढ़ी ने इसकी कल्पना की थी। हालांकि सवाल यह है कि इसके लिए हमारी तैयारी कितनी थी। इस महामारी के कारण विकसित देश से लेकर विकासशील देश तक भय का महौल बन गया जो अभी भी बना हुआ है। डाॅक्टर और वैज्ञानिक इसको समझ नहीं पाये और इसको समझने में समय लगा है।

उन्होंने कहा कि इसके बीच पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गयी जिससे पूरा देश स्तब्ध रह गया। इससे देश को कितना लाभ और कितना नुकसान हुआ इसकी जानकारी सदन को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की आवश्यकता थी और पूरे विश्व में ऐसा किया गया लेकिन देश में इसके लिए तैयारियां नहीं की गयी। यदि राज्यों के साथ विचार विमर्श कर ऐसा किया जाता और तहसील स्तर पर क्वोरेंटाइन सेंटर बनाये जाते तो गांवों में कोरोना नहीं पहुंचता।

उन्होंने कहा कि अभी इससे पीड़ितों की संख्या 50 लाख के पार पहुंच गयी है और 82 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह वायरस अमीर और गरीब देश में कोई अंतर नहीं देखता है और इस तरह की महामारी की तैयारी कोई भी नहीं कर सकता है।

उन्होंने कहा कि देश में कोरोना से निपटने में सरकारी अस्पतालों की स्थिति का खुलासा हुआ है। जहां 70 फीसदी काेरोना पीड़ित भर्ती होते हैं वहां मात्र 30 फीसदी आईसीयू बेड उपलब्ध है जबकि 70 फीसदीी लोगों को आईसीयू बेड के लिय निजी अस्पतालों की ओर जाना पड़ा है। ऐसी स्थिति को देखते हुये सरकारी स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने की जरूरत है। कोरोना महामारी के बहुत कड़वे अनुभव मिले हैं। स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

श्री शर्मा ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की हुयी मौत का आंकड़ा सरकार के पास न होना बहुत दुखद है जबकि इस संबंध में मीडिया में खबरें आयी हैं। रेलवे स्टेशन पर बच्चा को अपनी मृत मां का चादर उठाते तस्वीर छपी है। इसके मद्देनजर सरकार को प्रवासी मजदूरों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना चाहिए ताकि ऐसी स्थिति में उनकी निगरानी की जा सके।

शेखर आशा

जारी/ वार्ता

More News
संसद का ऐतिहासिक मानसून सत्र समय से पहले समाप्त

संसद का ऐतिहासिक मानसून सत्र समय से पहले समाप्त

23 Sep 2020 | 9:24 PM

नयी दिल्ली ,23 सितंबर (वार्ता) कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बीच आयोजित संसद का ऐतिहासिक मानसून सत्र आज तय समय से पहले समाप्त कर दिया गया।

see more..
लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

23 Sep 2020 | 9:14 PM

नयी दिल्ली 23 सितम्बर (वार्ता) कोरोना महामारी से उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों के मद्देनजर 17वीं लोकसभा के चौथे सत्र की कार्यवाही निर्धारित अवधि से पहले ही बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गयी।

see more..
प्रह्लाद जोशी ने ओम बिरला का व्यक्त किया आभार

प्रह्लाद जोशी ने ओम बिरला का व्यक्त किया आभार

23 Sep 2020 | 9:03 PM

नयी दिल्ली, 23 सितंबर (वार्ता) मॉनसून सत्र में लोकसभा की बैठकों के सुचारु संचालन के लिए संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सरकार की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का आभार व्यक्त किया।

see more..
image