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राज्य » बिहार / झारखण्ड


रामचन्द्र गुहा, श्याम बेनेगल समेत 49 हस्तियों पर देशद्रोह का आरोप गलत

मुजफ्फरपुर/पटना, 09 अक्टूबर (वार्ता) देश में मॉब लिंचिंग के मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखने वाले इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फिल्मकार श्याम बेनेगल और मणिरत्नम समेत 49 लोगों के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर में दर्ज प्राथमिकी के देशद्रोह समेत सभी आरोप गलत पाए गए और अब पुलिस याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा पर कार्रवाई किये जाने की तैयारी कर रही है।
मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने आज यहां बताया कि अधिवक्ता सुधीर कुमार ओझा की ओर से 27 जुलाई 2019 को दायर किये गये परिवाद पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सूर्यकांत तिवारी के आदेश के बाद उनके माध्यम से यह प्राथमिकी 02 अक्टूबर को दर्ज हुई है।
प्राथमिकी में इतिहासकार रामचंद्र गुहा, फिल्मकार श्याम बेनेगल, निर्माता-निदेशक मणिरत्नम, अभिनेत्री अपर्णा सेन, रेवती, कोंकणा सेन, निर्माता अरुण गोपाल कृष्ण, अभिनेता सौमित्र चटर्जी और गायिका शुभा मुद्गल समेत 49 लोगों के नाम हैं। भारतीय दंड विधान की धारा 124ए, 153बी, 160, 290, 297, 504 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इसमें देशद्रोह, उपद्रव करने, शांति भंग करने के इरादे से धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित धाराएं लगाई गईं हैं।
अदालत ने पुलिस अधीक्षक को मामले में प्राथमिकी दर्ज कर 11 नवंबर 2019 तक मामले की जांच पूरी करने का आदेश दिया था। वहीं, अधिवक्ता श्री ओझा ने अपनी याचिका में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला खत लिखने और इसका विभिन्न मीडिया माध्यमों से प्रचार-प्रसार करने से पूरी दुनिया में देश और प्रधानमंत्री श्री मोदी की छवि धूमिल हुई है।
सं सूरज
जारी (वार्ता)
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