Wednesday, Apr 24 2019 | Time 16:28 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • आंध्र प्रदेश में एसीबी महानिदेशक बने वेंकटेश्वर राव
  • नाइजीरिया में सड़क हादसे में 19 लोगों की मौत
  • नोबेल पुरस्कारों की घोषणा 07-14 अक्टूबर के बीच
  • सिंधू, सायना, समीर दूसरे दौर में, श्रीकांत बाहर
  • फिल्म पुरस्कारों की घोषणा अब लोकसभा चुनाव के बाद
  • दहेज हत्या के मामले में पति को दस साल के कठोर कारावास की सजा
  • टीम वर्क से प्लेऑफ में पहुंचने के करीब हैं: अमित मिश्रा
  • टीम वर्क से प्लेऑफ में पहुंचने के करीब हैं: अमित मिश्रा
  • कांगेस शासन में आतंकवादियों का बढ़ता है आत्मविश्वास : मोदी
  • कांगेस शासन में आतंकवादियों का बढ़ता है आत्मविश्वास : मोदी
  • कांग्रेस विधायक जे एन गणेश की जमानत मंजूर
  • अपने हलकों में पार्टी के लाेस प्रत्याशियों की जीत के लिये मंत्री, विधायक होंगे जिम्मेदार: अमरिंदर
  • भाजपा दलित विरोधी, इसलिए थामा कांग्रेस का हाथ: उदित राज
  • ताईवान व्यापार मेला 16 मई से दिल्ली में
  • कश्मीर के बाशिंदे ही कर रहे थे एलओसी के जरिये व्यापार का दुरूपयोग
मनोरंजन » कला एवं रंगमंच


अमिताभ ने अपनायी थी भगवान दादा की नृत्य शैली

अमिताभ ने अपनायी थी भगवान दादा की नृत्य शैली

.. पुण्यतिथि चार फरवरी के अवसर पर ..
मुंबई 03 फरवरी (वार्ता) हिंदी सिनेमा जगत में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की नृत्य शैली के कई दीवाने हैं लेकिन खुद सुपर स्टार अमिताभ बच्चन जिनके दीवाने थे और जिनकी नृत्य शैली को अपनाया, उस अभिनेता को आज की पीढ़ी नहीं जानती, वह अभिनेता थे पचास के दशक के सुपरस्टार भगवान दादा।

फिल्म जगत में ‘भगवान दादा’ के नाम से मशहूर भगवान आभा जी पल्लव से फिल्मों से जुड़ी कोई भी विधा अछूती नहीं रही।
वह ऐसे हसमुख इंसान थे जिनकी उपस्थिति मात्र से माहौल खुशनुमा हो उठता था।
हंसते हंसाते रहने की प्रवृति को उन्होने अपने अभिनय, निर्माण और निर्देशन में खूब बारीकी से उकेरा।
उनका यह अंदाज आज भी उनके चहेतों की यादों मे तरोताजा है।

भगवान दादा का जन्म वर्ष 1913 में मुंबई में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था।
उनके पिता एक मिल वर्कर थे।
बचपन के दिनों से भगवान दादा का रूझान फिल्मों की ओर था और वह अभिनेता बनना चाहते थे।
अपने शुरूआती दौर में भगवान दादा ने श्रमिक के तौर पर काम किया ।

भगवान दादा ने अपने फिल्मी करियर के शुरूआती दौर में बतौर अभिनेता मूक फिल्मों में काम किया।
इसके साथ ही उन्होंने फिल्म स्टूडियो में रहकर फिल्म निर्माण की तकनीक सीखनी शुरू कर दी।
इस बीच उनकी मुलाकात स्टंट फिल्मों के नामी निर्देशक जी. पी. पवार से हुयी और वह उनके सहायक के तौर पर काम करने लगे।

बतौर निर्देशक वर्ष 1938 प्रदर्शित फिल्म ‘बहादुर किसान’ भगवान दादा के सिने करियर की पहली फिल्म थी जिसमें उन्होंने जी.पी.पवार के साथ मिलकर निर्देशन किया था।
इसके बाद भगवान दादा ने राजा गोपीचंद, बदला, सुखी
जीवन, बहादुर, दोस्ती जैसी कई फिल्मों का निर्देशन किया लेकिन ये सभी टिकट खिड़की पर असफल साबित हुईं।

वर्ष 1942 में भगवान दादा ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में भी कदम रख दिया और जागृति पिक्चर्स की स्थापना की।
इस बीच उन्होंने अपना संघर्ष जारी रखा और कई फिल्मों का निर्माण और निर्देशन किया लेकिन इससे उन्हें कोई खास फायदा नहीं पहुंचा।

वर्ष 1947 में भगवान दादा ने अपनी खुद की स्टूडियो कंपनी ‘जागृति स्टूडियो’ की स्थापना की।
भगवान दादा की किस्मत का सितारा वर्ष 1951 में प्रदर्शित फिल्म ‘अलबेला’ से चमका।
राजकपूर के कहने पर भगवान दादा ने फिल्म ‘अलबेला’ का निर्माण और निर्देशन किया।
बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की कामयाबी ने भगवान दादा को ‘स्टार’ के रूप में स्थापित कर दिया ।

आज भी इस फिल्म के सदाबहार गीत दर्शकों और श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
सी.रामचंद्र के संगीत निर्देशन में भगवान दादा पर फिल्माया गीत ..शोला जो भड़के दिल मेरा धड़के ..उन दिनों युवाओं के बीच खासा लोकप्रिय था।
इसके अलावा ‘भोली सूरत दिल के खोटे नाम बड़े और दर्शन छोटे’, शाम ढले खिड़की तले तुम सीटी बजाना छोड़ दो भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय हुए थे।

फिल्म अलबेला की सफलता के बाद भगवान दादा ने झमेला, रंगीला, भला आदमी, शोला जो भड़के, हल्ला गुल्ला जैसी फिल्मों का निर्देशन किया लेकिन ये सारी फिल्में टिकट खिड़की पर असफल साबित हुईं हालांकि इस बीच उनकी वर्ष 1956 में प्रदर्शित फिल्म ‘भागम भाग’ हिट रही।
वर्ष 1966 में प्रदर्शित फिल्म लाबेला बतौर निर्देशक भगवान दादा के सिने करियर की अंतिम फिल्म साबित हुयी।
दुर्भाग्य से इस फिल्म को भी दर्शकों ने बुरी तरह नकार दिया।

फिल्म ‘लाबेला’ की असफलता के बाद बतौर निर्देशक भगवान दादा को फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया और बतौर अभिनेता भी उन्हें काम मिलना बंद हो गया।
परिवार की जरूरत को पूरा करने के लिये उन्हें अपना बंगला और कार बेचकर एक छोटे से चाॅल में रहने के लिये विवश होना पड़ा।

इसके बाद वह माहौल और फिल्मों के विषय की दिशा बदल जाने पर भगवान दादा चरित्र अभिनेता के रूप में काम करने लगे लेकिन नौबत यहां तक आ गई कि जो निर्माता-निर्देशक पहले उनको लेकर फिल्म बनाने के लिए लालायित रहते थे, उन्होंने भी उनसे मुंह मोड़ लिया।
इस स्थिति में उन्होंने अपना गुजारा चलाने के लिए फिल्मों में छोटी-छोटी और मामूली भूमिकाएं करनी शुरू कर दीं ।

बाद में हालात ऐसे हो गए कि भगवान दादा को फिल्मों में काम मिलना पूरी तरह बंद हो गया।
हालात की मार और वक्त के सितम से बुरी तरह टूट चुके हिन्दी फिल्मों के स्वर्णिम युग के अभिनेता भगवान दादा ने चार फरवरी 2002 को गुमनामी के अंधरे में रहते हुए इस दुनिया को अलविदा कह दिय

दक्षिण

दक्षिण भारतीय फिल्म में खलनायक का किरदार निभायेंगे शाहरूख खान!

मुंबई 24 अप्रैल (वार्ता) बॉलीवुड के किंग खान शाहरूख खान दक्षिण भारतीय फिल्म थालापैथी 63 में खलनायक
का किरदार निभाते नजर आ सकते हैं।

रणबीर

रणबीर के साथ लिव-इन में रहने नहीं जा रही है आलिया

मुंबई 24 अप्रैल (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट ने कहा है कि वह रणबीर कपूर के साथ लिव-इन में रहने नही जा रही है।

उड़नपरी

उड़नपरी का किरदार निभायेगी कैटरीना कैफ!

मुंबई 24 अप्रैल (वार्ता) बॉलीवुड की बार्बी गर्ल कैटरीना कैफ सिल्वर स्क्रीन पर उड़नपरी पी.टी.उषा का किरदार निभाती
नजर आ सकती है।

भारत

भारत में सलमान अपने लुक को लेकर काफी सजग थे : जफर

मुंबई 24 अप्रैल (वार्ता) बॉलीवुड निर्देशक अली अब्बास जफर का कहना है कि सलमान खान फिल्म भारत में अपने लुक को लेकर बहुत सजग थे।

करण

करण जौहर की फिल्म से डेब्यू करना चाहती है खुशी कपूर

मुंबई 24 अप्रैल (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेत्री श्रीदेवी और फिल्मकार बोनी कपूर की बेटी खुशी कपूर ,करण जौहर की फिल्म से डेब्यू करना चाहती है।

बॉक्स

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की असफलता पर स्ट्रेस नही लेती सोनाक्षी

मुंबई 23 अप्रैल (वार्ता) बॉलीवुड की दबंग गर्ल सोनाक्षी सिन्हा का कहना है कि वह बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की असफलता पर स्ट्रेस नही लेती है।

अभी

अभी डेब्यू नहीं कर रही है न्यासा :काजोल

मुंबई 23 अप्रैल (वार्ता) जानी मानी अभिनेत्री काजोल का कहना है कि उनकी बेटी न्यासा अभी बॉलीवुड में डेब्यू नही कर रही है।

तेरे

तेरे नाम का सीक्वल बनायेंगे सतीश कौशिक

मुंबई 23 अप्रैल (वार्ता) बॉलीवुड के जाने माने निर्देशक सतीश कौशिक अपनी सुपरहिट फिल्म तेरे नाम का सीक्वल बनाने जा रहे हैं।

शाहरूख

शाहरूख को पसंद आया भारत का ट्रेलर

मुंबई 23 अप्रैल (वार्ता) बॉलीवुड के किंग खान शाहरूख खान को सलमान खान की आने वाली फिल्म भारत का ट्रेलर पसंद आया है।

सत्यजीत

सत्यजीत रे ने बाइसाईकिल थीफस देख किया फिल्म निर्माण का इरादा

..पुण्यतिथि 23 अप्रैल ..
मुंबई 22 अप्रैल(वार्ता) भारतीय सिनेमा जगत में युगपुरूष सत्यजीत रे को एक ऐसे फिल्मकार के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने अपनी निर्मित फिल्मों के जरिये भारतीय सिनेमा जगत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई।

पॉप गायिकी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी माइकल जैक्सन ने

पॉप गायिकी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी माइकल जैक्सन ने

..जन्मदिवस 29 अगस्त के अवसर पर ..
मुंबई 28 अगस्त(वार्ता)किंग ऑफ पॉप माइकल जैक्सन को ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने पॉप संगीत की दुनिया को पूरी तरह बदलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायी है।

दिल्ली में भी होगा फिल्म उद्योग, डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह आरंभ

दिल्ली में भी होगा फिल्म उद्योग, डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह आरंभ

नयी दिल्ली 15 जनवरी (वार्ता) दिल्ली में भी फिल्म उद्योग स्थापित करने के मकसद से पहले डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह एवं विपणन 2019 की कल रात यहां देश-विदेश के फिल्मी जगत के लोगों की मौजूदगी में शुरूआत हुयी।

सत्यजीत रे ने बाइसाईकिल थीफस देख किया फिल्म निर्माण का इरादा

सत्यजीत रे ने बाइसाईकिल थीफस देख किया फिल्म निर्माण का इरादा

..पुण्यतिथि 23 अप्रैल ..
मुंबई 22 अप्रैल(वार्ता) भारतीय सिनेमा जगत में युगपुरूष सत्यजीत रे को एक ऐसे फिल्मकार के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने अपनी निर्मित फिल्मों के जरिये भारतीय सिनेमा जगत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई।

भारतीय सिनेमा जगत के युगपुरूष थे बी.आर. चोपड़ा

भारतीय सिनेमा जगत के युगपुरूष थे बी.आर. चोपड़ा

..जन्मदिवस 22 अप्रैल  ..
मुम्बई 21 अप्रैल (वार्ता) भारतीय सिनेमा जगत में बी.आर.चोपड़ा को एक ऐसे फिल्मकार के रूप में याद किया जायेगा जिन्होंने पारिवारिक, सामाजिक और साफ-सुथरी फिल्में बनाकर लगभग पांच दशक तक सिने प्रेमियों के दिलो-दिमाग में
अपनी खास जगह बनायी।

image