Sunday, Jul 21 2019 | Time 12:12 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • आतंकवादियों के छह सहयोगियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
  • 4158 तीर्थयात्रियों का नया जत्था अमरनाथ रवाना
  • पाकिस्तान में आत्मघाती हमले में तीन लोगों की मौत
  • अफगानिस्तान में हवाई हमले में 28 आतंकवादी ढेर
  • कारगिल शहीदों की याद में दिल्ली में हुई ‘विजय दौड़’
  • गर्ग के निधन पर राजनाथ, नड्डा ने जताया शोक
  • गुमला में चार लोगों की पीट-पीटकर हत्या
  • मोदी ने गर्ग के निधन पर जताया शोक
  • गुमला में चार लोगों की पीट-पीटकर हत्या
  • लखनऊ पुलिस मुठभेड़ में तीन शातिर बदमाश गिरफ्तार
  • खास है सुगंधित अप्पेमिडी आम का अचार
  • खास है सुगंधित अप्पेमिडी आम का अचार
  • निजी जिंदगी में बेहद संवेदनशील इंसान थे मुकेश
  • निजी जिंदगी में बेहद संवेदनशील इंसान थे मुकेश
  • निजी जिंदगी में बेहद संवेदनशील इंसान थे मुकेश
मनोरंजन » कला एवं रंगमंच


अभिनेता बनना चाहते थे मुकेश

अभिनेता बनना चाहते थे मुकेश

..पुण्यतिथि 27 अगस्त के अवसर पर ..
मुंबई 26 अगस्त (वार्ता)भारतीय सिनेमा जगत में मुकेश ने भले ही अपने पार्श्व गायन से लगभग तीन दशक तक श्रोताओं को दीवाना बनाया लेकिन वह अपनी पहचान अभिनेता के तौर पर बनाना चाहते थे।

मुकेश चंद माथुर का जन्म 22 जुलाई 1923 को दिल्ली में हुआ था।
उनके पिता लाला जोरावर चंद माथुर एक इंजीनियर थे और वह चाहते थे कि मुकेश उनके नक्शे कदम पर चलें लेकिन वह अपने जमाने के प्रसिद्ध गायक अभिनेता कुंदनलाल सहगल के प्रशंसक थे और उन्हीं की तरह गायक एवं अभिनेता बनने का ख्वाब देखा करते थे ।
मुकेश ने दसवीं तक पढ़ाई करने के बाद स्कूल छोड दिया और दिल्ली लोक निर्माण विभाग में सहायक सर्वेयर की नौकरी कर ली जहां उन्होंने सात महीने तक काम किया।
इसी दौरान अपनी बहन की शादी में गीत गाते समय उनके दूर के रिश्तेदार मशहूर अभिनेता मोतीलाल ने उनकी आवाज सुनी और प्रभावित होकर वह उन्हें 1940 में मुंबई ले आए और अपने साथ रखकर पंडित जगन्नाथ प्रसाद से संगीत सिखाने का भी प्रबंध किया ।

इसी दौरान 1941 में मुकेश को एक हिन्दी फिल्म ..निर्दोष.. में अभिनेता बनने का मौका मिल गया जिसमें उन्होंने अभिनेता एवं गायक के रूप में संगीतकार अशोक घोष के निर्देशन मेंअपना पहला गीत..दिल ही बुझा हुआ हो तो..भी गाया।
यह फिल्म हालांकि टिकट खिड़की पर बुरी तरह से नकार दी गयी ।
इसके बाद मुकेश ने .दुख.सुख. और .आदाब अर्ज. जैसी कुछ और फिल्मों में भी काम किया लेकिन पहचान बनाने में कामयाब नहीं हो सके।

इसके बाद मोतीलाल प्रसिद्ध संगीतकार अनिल विश्वास के पास मुकेश को लेकर गये और उनसे अनुरोध किया कि वह अपनी फिल्म में मुकेश से कोई गीत गवाएं ।
वर्ष 1945 में प्रदर्शित फिल्म पहली नजर में अनिल विश्वास के संगीत निर्देशन में.. दिल जलता है तो जलने दे..गीत के बाद मुकेश कुछ हद तक अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गये।
मुकेश ने इस गीत को सहगल की शैली में ही गाया था।
सहगल ने जब यह गीत सुना तो उन्होंने कहा था “अजीब बात है, मुझे याद नहीं आता कि मैंने कभी यह गीत गाया है।
” इसी गीत को सुनने के बाद सहगल ने मुकेश को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था ।

सहगल की गायकी के अंदाज से प्रभावित रहने के कारण शुरुआती दौर की अपनी फिल्मों में वह सहगल के अंदाज मे ही गीत गाया करते थे लेकिन वर्ष 1948 मे नौशाद के संगीत निर्देशन में फिल्म ..अंदाज.. के बाद मुकेश ने गायकी का अपना अलग अंदाज बनाया।
मुकेश के दिल में यह ख्वाहिश थी कि वह गायक के साथ साथ अभिनेता के रूप मे भी अपनी पहचान बनाये।
बतौर अभिनेता वर्ष 1953 मे प्रदर्शित माशूका,और वर्ष 1956 मे प्रदर्शित फिल्म अनुराग की विफलता के बाद उन्होने पुनः गाने की ओर ध्यान देना शुरू कर दिया।

इसके बाद वर्ष 1958 मे प्रदर्शित फिल्म यहूदी के गाने ..ये मेरा दीवानापन है .. की कामयाबी के बाद मुकेश को एक बार फिर से बतौर गायक पहचान मिली।
इसके बाद मुकेश ने एक से बढ़कर एक गीत गाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया।
मुकेश ने अपने तीन दशक के सिने कैरियर में 200 से भी ज्यादा फिल्मों के लिये गीत गाये।
मुकेश को उनके गाये गीतों के लिये चार बार फिल्म फेयर के सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा वर्ष 1974 मे प्रदर्शित ..रजनी गंधा .. के गाने कई बार यूहीं देखा के लिये मुकेश नेशनल अवार्ड से भी सम्मानित किये गये।

राजकपूर की फिल्म ..सत्यम.शिवम.सुंदरम.. के गाने..चंचल निर्मल शीतल.. की रिकार्डिंग पूरी करने के बाद वह अमेरिका में एक कंसर्ट में भाग लेने गये जहां 27 अगस्त 1976 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।
उनके अनन्य मित्र राजकपूर को जब उनकी मौत की खबर मिली तो उनके मुंह से बरबस निकल गया.. मुकेश के जाने से मेरी आवाज और आत्मा..दोनों चली गई।

दर्द भरे नगमों के बेताज बादशाह मुकेश के गाये गीतों मे जहां संवेदनशीलता दिखाई देती है वहीं निजी जिंदगी मे भी वह बेहद संवेदनशील इंसान थे और दूसरों के दुख.दर्द को अपना समझकर उसे दूर करने का प्रयास करते थे।
एक बार एक बीमार लड़की ने अपनी मां से कहा कि अगर मुकेश उन्हें कोई गाना गाकर सुनाएं तो वह ठीक हो सकती है ।
मां ने जवाब दिया कि मुकेश बहुत बड़े गायक हैं, उनके पास आने के लिए कहां समय है और अगर वह आते भी हैं तो इसके लिए काफी पैसे लेंगे।
तब उसके डाक्टर ने मुकेश को उस लड़की की बीमारी के बारे में बताया।
मुकेश तुरंत लडकी से मिलने अस्पताल गए और उसे गाना गाकर सुनाया और इसके लिए उन्होंने कोई पैसा भी नहीं लिया।
लड़की को खुश देखकर मुकेश ने कहा, “यह लडकी जितनी खुश है, उससे ज्यादा खुशी मुझे मिली है।

वार्ता

‘जजमेंटल

‘जजमेंटल है क्या’ जैसे किरदार से न्याय कर सकती हैं कंगना

मुंबई 21 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड में अपने संजीदा अभिनय के लिये मशहूर कंगना रनौत का कहना है कि उन्होंने फिल्म
‘जजमेंटल है क्या’ में जैसा किरदार निभाया है उससे वह आसानी से न्याय कर सकती हैं।

बॉलीवुड

बॉलीवुड में कमबैक करेंगे राहुल रॉय

मुंबई 21 जुलाई (वार्ता) जाने माने अभिनेता राहुल रॉय बॉलीवुड में कमबैक करने जा रहे हैं।

रणबीर

रणबीर के साथ फिर जोड़ी जमायेंगी दीपिका!

मुंबई 21 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड की डिंपल गर्ल दीपिका पादुकोण और रॉकस्टार रणबीर कपूर की जोड़ी एक बार फिर
सिल्वर स्क्रीन पर साथ नजर आ सकती है।

निजी

निजी जिंदगी में बेहद संवेदनशील इंसान थे मुकेश

..जन्मदिवस 22 जुलाई  ..
मुंबई 21 जुलाई(वार्ता) दर्द भरे नगमों के बेताज बादशाह मुकेश के गाये गीतो मे जहां संवेदनशीलता दिखाई देती है वहीं निजी जिंदगी मे भी वह बेहद संवेदनशील इंसान थे और दूसरों के दुख-दर्द को अपना समझकर उसे दूर करने का प्रयास करते थे।

दिव्या

दिव्या दत्ता को गौर गोपाल दास ने उबारा डिप्रेशन से

नयी दिल्ली 20 जुलाई (वार्ता) मनमोहक मुस्कान से दर्शकों का दिल जीतने वाली बाॅलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री दिव्या दत्ता को देखकर शायद ही लोगों को एहसास हाे कि वह कभी डिप्रेशन की शिकार भी हुयी होंगी लेकिन उनकी जिन्दगी में एक ऐसा मोड़ आया था जब वह घोर निराशा तथा अवसाद में घिर गयीं थी और तब विश्वविख्यात मोटिवेशनल शख्सियत गौर गोपाल दास के एक वीडियो ने डिप्रेशन के दलदल से उन्हें निकाल कर उनका जीवन बदल दिया।

खुद

खुद को मिसफिट एक्टर समझता था :अनिल कपूर

मुंबई 20 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर का कहना है कि अपने शुरूआती दौर में वह खुद को मिसफिट समझते थे।

39

39 वर्ष की हुयीं ग्रेसी सिंह

मुंबई 20 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री ग्रेसी सिंह शनिवार को 39 वर्ष की हो गयीं।

आलिया

आलिया भट्ट को अपनी प्रेरणा मानती हैं अनन्या पांडे

मुंबई 20 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे, आलिया भट्ट को अपनी प्रेरणा मानती हैं।

मिशन

मिशन मंगल की स्क्रिप्ट काफी बेहतरीन :विद्या बालन

मुंबई 20 जुलाई (वार्ता) बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन का कहना है कि मिशन मंगल की स्क्रिप्ट काफी बेहतरीन है इसलिये उन्होंने इस फिल्म में काम किया है।

गायक

गायक बनने की तमन्ना रखते थे आनंद बख्शी

..जन्मदिवस 21 जुलाई ..
मुंबई 20 जुलाई (वार्ता) अपने सदाबहार गीतों से श्रोताओं को दीवाना बनाने वाले बालीवुड के मशहूर गीतकार आनंद बख्शी ने लगभग चार दशक तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया लेकिन कम लोगो को पता होगा कि वह गीतकार नहीं बल्कि पार्श्वगायक बनना चाहते थे।

दिव्या दत्ता को गौर गोपाल दास ने उबारा डिप्रेशन से

दिव्या दत्ता को गौर गोपाल दास ने उबारा डिप्रेशन से

नयी दिल्ली 20 जुलाई (वार्ता) मनमोहक मुस्कान से दर्शकों का दिल जीतने वाली बाॅलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री दिव्या दत्ता को देखकर शायद ही लोगों को एहसास हाे कि वह कभी डिप्रेशन की शिकार भी हुयी होंगी लेकिन उनकी जिन्दगी में एक ऐसा मोड़ आया था जब वह घोर निराशा तथा अवसाद में घिर गयीं थी और तब विश्वविख्यात मोटिवेशनल शख्सियत गौर गोपाल दास के एक वीडियो ने डिप्रेशन के दलदल से उन्हें निकाल कर उनका जीवन बदल दिया।

पॉप गायिकी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी माइकल जैक्सन ने

पॉप गायिकी को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलायी माइकल जैक्सन ने

..जन्मदिवस 29 अगस्त के अवसर पर ..
मुंबई 28 अगस्त(वार्ता)किंग ऑफ पॉप माइकल जैक्सन को ऐसी शख्सियत के तौर पर याद किया जाता है जिन्होंने पॉप संगीत की दुनिया को पूरी तरह बदलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायी है।

दिल्ली में भी होगा फिल्म उद्योग, डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह आरंभ

दिल्ली में भी होगा फिल्म उद्योग, डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह आरंभ

नयी दिल्ली 15 जनवरी (वार्ता) दिल्ली में भी फिल्म उद्योग स्थापित करने के मकसद से पहले डियोरामा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह एवं विपणन 2019 की कल रात यहां देश-विदेश के फिल्मी जगत के लोगों की मौजूदगी में शुरूआत हुयी।

बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना

बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार थे राजेश खन्ना

पुण्यतिथि 18 जुलाई के अवसर पर ..
मुंबई 17 जुलाई (वार्ता) हिंदी फिल्म जगत में अपने अभिनय से लोगों को दीवाना बनाने वाले अभिनेता तो कई हुये और दर्शकों ने उन्हें स्टार कलाकार माना पर सत्तर के दशक में राजेश खन्ना पहले ऐसे अभिनेता के तौर पर अवतरित
हुये जिन्हें दर्शको ने सुपर स्टार की उपाधि दी।

image