Sunday, Sep 23 2018 | Time 16:25 Hrs(IST)
image
BREAKING NEWS:
  • मुठभेड़ स्थल के पास प्रदर्शन शुरू, सुरक्षा बलों ने दागे आंसू गैस के गोले
  • फोटो कैप्शन-पहला सेट
  • गरीबों के सशक्तीकरण की योजना है आयुष्मान भारत : मोदी
  • राफेल शताब्दी का सबसे बड़ा घोटाला : कांग्रेस
  • इलाज के कारण अब नहीं बिगड़ेगा गरीब का बजट: राजनाथ
  • पीएमजेई से 50 करोड़ लोग होंगे लाभान्वित : नैटहेल्थ
  • गुआम में भूकंप के तेज झटके
  • आईओए ने पदक विजेताओं को पहली बार दिए नगद पुरस्कार
  • आईओए ने पदक विजेताओं को पहली बार दिए नगद पुरस्कार
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ने से सोने की मांग में 25 फीसदी की तेजी की संभावना
  • विशाखापत्तनम में विधायक समेत दो नेताओं की गोली मारकर हत्या
  • ममता और राज्यवर्धन ने कल्पना लाजमी के निधन पर जताया शोक
  • तेज हवाओं के बीच भारी बारिश में बिछी धान की फसल
दुनिया Share

भारत की अनदेखी कर चीन के साथ सैन्य अभ्यास करेगा नेपाल

काठमांडू 12 सितंबर (वार्ता) नेपाल ने बिम्सटेक देशों के साथ सैन्य अभ्यास में हिस्सा नहीं लेने की घोषणा कर भारत की अनदेखी की है और चीन के साथ 12 दिवसीय सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्टों में यह जानकारी दी गयी है।
गौरतलब है कि पुणे में बिम्सटेक देशों के संयुक्त सैन्य अभ्यास में नेपाल शामिल नहीं हो रहा है और कुछ दिन बाद ही चीन की सेना के साथ नेपाली सेना 12 दिनों तक सैन्य अभ्यास करेंगी। नेपाल के अलावा बिम्सटेक सदस्य देशों की सेनाओं ने सोमवार से पुणे के पास औंध में एक सप्ताह का आतंक-विरोधी सैन्य अभ्यास शुरू किया। इस अभ्यास का मकसद इस क्षेत्र में आतंकवाद की चुनौती से निपटने में सहयोग में बढ़ोतरी करना है। बिम्सटेक में भारत, बंगलादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाइलैंड, भूटान और नेपाल जैसे देश शामिल हैं ।
नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल गोकुल भंडारी ने बताया कि चीन के साथ यह अभ्यास 17 से 28 सितंबर तक छेंगदू में किया जाएगा और इसका मुख्य मकसद आतंकवाद विरोधी अभ्यास करना है।
चीन के साथ सैन्य अभ्यास का फैसला नेपाल सरकार ने सत्तारूढ़ नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के शीर्ष नेताओं के विरोध तथा अन्य लोगों की आलोचना के बाद लिया है। नेपाल सरकार ने यह निर्णय ऐसे समय लिया है जब उसने चीन के साथ पारगमन एवं यातायात संबंधी समझौते को अंतिम रूप दे दिया है और इसके बदले उसकी पहुंच चीन के समुद्री बंदरगाहों तथा जमीनी रास्ते तक हो जाएगी।
इस समझौते में कहा गया कि अब नेपाल चीन के शुष्क बंदरगाहों लांझहू, ल्हासा तथा शिगात्सी और इन्हें जोड़ने वाली सड़कोें का भी इस्तेमाल कर सकेगा।
इस बीच, भारत ने नेपाल के इस फैसले पर नाखुशी जाहिर की है और उसे स्पष्ट कर दिया कि यह फैसला उचित नहीं है
एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है,“ भारत सरकार ने नेपाली नेतृत्व को स्पष्ट कर दिया है कि आंतरिक राजनीतिक दबाव का उसका स्पष्टीकरण यकीन करने लायक नहीं है।”
वाणिज्य मंत्रालय के एक अधिकारी रवि शंकर सैंजू ने बताया कि जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य उत्तर एशियाई देशों से नेपाल आने वाला सामान अब चीन के रास्ते से होकर आएगा जिससे सामान लागत तथा समय दोनों की बचत होगी। नेपाल का जमीनी व्यापार कोलकाता के पूर्वी बंदरगाह से मुख्यत: होता है जिसमें कम से कम तीन महीने का समय लगता है।
जानकारों का मानना है कि चीन के साथ जाकर नेपाल व्यापार के क्षेत्र में भारत के प्रभुत्व को कम करना चाहता है क्योंकि ईंधन और अन्य जरूरी सामानों के लिए वह भारत के बंदरगाह पर अधिक निर्भर रहता है।
दरअसल 2015 और 2016 में नेपाल और भारत सीमा पर काफी लंबे समय तक जारी आर्थिक नाकेबंदी से नेपाल को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ा था अौर यहां ईंधन तथा दवाओं की किल्लत हो गयी थी। नेपाल के इस फैसले को इस लिहाज से भी आश्चर्यजनक नहीं कहा जा सकता है क्योंकि प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली का झुकाव काफी हद तक चीन की तरफ है।
जितेन्द्र.श्रवण
वार्ता
More News

23 Sep 2018 | 2:30 PM

 Sharesee more..
चीन ने अमेरिका के साथ सैन्य वार्ता  रद्द की

चीन ने अमेरिका के साथ सैन्य वार्ता रद्द की

23 Sep 2018 | 10:40 AM

शंघाई 23 सितम्बर (रायटर) चीन ने अमेरिका के साथ सैन्य वार्ता रद्द कर दी है। अमेरिका ने चीन के रूस से लड़ाकू जेट विमान और मिसाइल खरीदने के कारण उसकी एक सैन्य एजेंसी को प्रतिबंधित कर दिया है जिससे नाराज होकर चीन ने अमेरिकी राजदूत को तलब किया है और सैन्य समझौता रद्द करने की घोषणा की है।

 Sharesee more..
ईरान में हो सकती है क्रांति: गुलियानी

ईरान में हो सकती है क्रांति: गुलियानी

23 Sep 2018 | 10:34 AM

न्यूयाॅर्क 23 सितंबर (रायटर) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निजी वकील रूडी गुलियानी ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान में पैदा हुआ आर्थिक संकट एक ‘सफल क्रांति’ को जन्म दे सकता है।

 Sharesee more..
image