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इस बार पांच सितम्बर को केवल 45 शिक्षकों को ही राष्ट्रीय पुरस्कार मिलेंगे

इस बार पांच सितम्बर को केवल 45 शिक्षकों को ही राष्ट्रीय पुरस्कार मिलेंगे

नयी दिल्ली 03 सितम्बर (वार्ता) हर साल पांच सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के तीन सौ से अधिक शिक्षकों को राजधानी में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाता था लेकिन इस बार केवल 45 शिक्षकों को ही यह पुरस्कार दिया जायेगा।

राजधानी में बुधवार को यह पुरस्कार उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू देंगे और शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर ये शिक्षक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अपने अनुभव उन्हें साझा करेंगे। इस बार शिक्षकों के पुरस्कार के नियमों में काफी परिवर्तन किया गया है और अब कोई शिक्षक पुरस्कार के लिए अपने नाम को भी प्रस्तावित कर सकता है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सोमवार को यहाँ जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस वर्ष 6692 शिक्षकों से आवेदन प्राप्त हुए थे लेकिन इस बार केवल 45 शिक्षकों को ही यह पुरस्कार दिया जा रहा है जबकि हर साल तीन सौ से अधिक लोगों को यह पुरस्कार दिया जाता था। पुरस्कारों की गरिमा एवं गुणवत्ता बनाने के लिए इसकी संख्या कम की गयी है।

विज्ञप्ति के अनुसार हर जिले से तीन शिक्षकों के नाम प्रस्तावित होने के बाद उनका चयन एक समिति ने किया और इस तरह सभी राज्यों एवं केंद्र शासित क्षेत्रों से कुल 152 नाम प्रस्तावित किये गए। अब तक पहले कोई शिक्षक अपना नाम खुद प्रस्तावित नहीं करता था। इस बार शिक्षकों को अपना नाम खुद प्रस्तावित करने का प्रावधान किया गया था ताकि नए शिक्षक भी इस पुरस्कार के हक़दार हो सकें।

पहले कम से कम 15 साल अध्यापन करनेवाले शिक्षकों को ही पुरस्कार दिया जाता था।

अरविन्द, उप्रेती

वार्ता

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