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आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के विभाजन के समय किये गये वादों को तत्काल पूरा करे केंद्र सरकार: डॉ. पॉल

नयी दिल्ली, 11 जनवरी (वार्ता) प्रजा शांति पार्टी के संस्थापक डॉ. के. ए. पॉल ने केंद्र सरकार से 2014 के राज्य विभाजन के समय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से किए गये वादों को तत्काल पूरा करने की मांग की है।
डॉ. पॉल ने रविवार को यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संसद में बार-बार दिए गये आश्वासनों के बावजूद आंध्र प्रदेश को विशेष श्रेणी का दर्जा या उसके समकक्ष विशेष वित्तीय सहायता अब तक नहीं दी गयी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने वादे को तत्काल पूरा करे। उन्होंने बताया कि विशेष वित्तीय सहायता से राज्य में विकास को गति मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा तथा राज्य की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
डॉ. पॉल ने केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता के तत्काल क्रियान्वयन, वर्षों से लंबित पोलावरम सिंचाई परियोजना को पूरा करने, सड़क, जल, बिजली और रेलवे जैसे बुनियादी ढांचे के विकास तथा विशाखापत्तनम स्टील संयंत्र के संरक्षण की मांग की। इसके साथ ही, आंध्र प्रदेश से जुड़े अन्य लंबित वादों जैसे रेलवे जोन की स्थापना और प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिये जाने को शीघ्र पूरा करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि यह मामला वर्तमान में आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में लंबित है। न्यायमूर्ति नरेंद्र ने केंद्र सरकार, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू तथा पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए गये थे, लेकिन 18 महीने बीत जाने के बाद भी कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया है। उन्होंने संबंधित पक्षों से इस 21 जनवरी तक उच्च न्यायालय में जवाब दाखिल करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि तेलंगाना से किए गए वादों की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। डॉ. पॉल ने काजीपेट रेल विनिर्माण इकाई, बय्यारम स्टील प्लांट, एनटीपीसी रामागुंडम फेज़–II, केंद्रीय बागवानी विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान की स्थापना तथा पालमुरु–रंगारेड्डी परियोजना को राष्ट्रीय दर्जा देने जैसी प्रतिबद्धताओं को जल्द पूरा करने की मांग की।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की कि वे सभी राज्यों के समान, संतुलित और न्यायसंगत विकास को सुनिश्चित करें। उन्होंने मीडिया और तेलुगु राज्यों के नागरिकों से भी इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया।
संतोष जितेन्द्र
वार्ता
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