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बिजनेस


रियल एस्टेट क्षेत्र में जीएसटी सुधारों का जोरदार स्वागत

नयी दिल्ली, 04 सितंबर (वार्ता) आवास और अचल संपत्ति बाजार ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में चौतरफा कटौती के साथ -साथ इस अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में व्यापक सुधारों का स्वागत करते हुए कहा है इससे बाजार में पर्याप्त तेजी आयेगी।
रियल एस्टेट डेवलपर कंपनियों के संगठन नारेडको के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी. हरि बाबू ने कहा,
“जीएसटी को तर्कसंगत बनाने का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है और हम इसका स्वागत करते हैं। यह सरकार की कर प्रणाली को अधिक सरल एवं संतुलित बनाने की सोच को दर्शाता है। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री की यह स्पष्ट प्रतिबद्धता देश की जीडीपी को प्रोत्साहित करेगी और साथ ही अर्थव्यवस्था में विश्वास को मजबूत देगी।"
उन्होंने कहा कि यह कदम रियल एस्टेट और इससे जुड़े उद्योगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। सीमेंट और स्टील जैसी प्रमुख निर्माण सामग्रियों पर कम जीएसटी से लागत घटेगी और परियोजनाएं अधिक व्यावहारिक होंगी। इसका सबसे अधिक लाभ अफोर्डेबल (किफायती) हाउसिंग को मिलेगा क्योंकि लागत घटने का फायदा सीधे घर के खरीदारों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा सकेंगे। इससे घर की खरीद सुलभ होगी और सरकार के ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ विज़न को मज़बूती मिलेगी। पूरे हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को इन सुधारों से लाभ होगा।
श्री हरि बाबू ने कहा कि इस फैसले का समय भी बेहद अहम है। आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए यह निर्णय उपभोक्ताओं के विश्वास को बढ़ाएगा। नई मांग निकलने से अर्थव्यवस्था के लिए एक मज़बूत बूस्टर (शक्तिशाली ईंधन) का काम करेगा एवं खरीदारों को राहत तथा डेवलपर्स को प्रोत्साहन देगा। यह कदम उपभोक्ताओं, उद्योगों और देश की विकास यात्रा के लिए लाभकारी है। हमें विश्वास है कि यह प्रगतिशील कदम भारत की अर्थव्यवस्था को लंबे समय तक गति प्रदान करेगा।
हीरानंदानी समूह के अध्यक्ष डॉ निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों के लिए, सीमेंट और स्टील जैसी महत्वपूर्ण निर्माण सामग्री पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करना एक ऐतिहासिक सुधार है। इससे सामग्री की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी, परियोजनाओं की व्यवहार्यता में सुधार होगा और देश भर में बुनियादी ढांचे के विकास में तेज़ी आएगी। विशेष रूप से किफायती आवास को लाभ होगा क्योंकि निर्माण लागत में कमी का लाभ घर खरीदारों को दिया जा सकेगा। इससे सरकार के "सभी के लिए आवास" के दृष्टिकोण को भी बल मिलेगा। कर की दरों में ये बदलाव न केवल डेवलपर्स के लिए, बल्कि उपभोक्ताओं, आवास क्षेत्र और भारत की दीर्घकालिक विकास गाथा के लिए भी फायदेमंद है। जीएसटी को तर्कसंगत बनाने का फैसला सरकार की ओर से ग्राहकों के लिए दिवाली का तोहफा है और इससे अर्थव्यवस्था को रणनीतिक बल मिलेगा।
उन्होंने कहा कि जीएसटी में कटौती से उपभोग मांग में वृद्धि और महंगाई में कमी का बाजार पर बहुत असर पड़ेगा। उनका अनुमान है कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर आठ फीसदी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी और भारतीय अर्थव्यवस्था के बारे में दुनिया का विश्वास और मजबूत होगा।
मनोहर शोभित
वार्ता
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