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दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी में कर्णमोहिनी के रूप में आने में लगते हैं पूरे दो घंटे: कविता बैनर्जी

दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी में कर्णमोहिनी के रूप में आने में लगते हैं पूरे दो घंटे: कविता बैनर्जी

मुंबई, 22 जून (वार्ता) अभिनेत्री कविता बैनर्जी ने कहा है कि उन्हें सन नियो के शो दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी" शो में कर्णमोहिनी के रूप में तैयार होने में दो घंटे का समय लगता है।

शो दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी' में कविता बनर्जी का रहस्यमयी कर्णमोहिनी का किरदार दर्शकों को खासा आकर्षित कर रहा है। उनका रूप बेहद प्रभावशाली, शाही और रहस्यमयी है। उनकेभारी कपड़े , आभूषण, दमदार डायलॉग्स और अभिनय ने इस किरदार को एक अलग पहचान दी है।

कविता बैनर्जी ने अपने इस अलग लुक के बारे में बात करते हुए कहा,कर्ण मोहिनी का लुक मेरे अब तक के सबसे यूनिकऔर प्रभावशाली किरदारों में से एक है। सच कहूं तो इस रूप में तैयार होने में करीब दो घंटे का समय लग जाता है। इसकेकपड़े और ज्वैलरी बहुत भारी होते हैं, लेकिन जब मैं पूरी तरह से तैयार होकर आईने में खुद को देखती हूं, तो सब कुछबिल्कुल कम्प्लीट लगता है। यह लुक न सिर्फ मुझे बाहर से अलग दिखाता है बल्कि भीतर की ऊर्जा और व्यक्तित्व को भीकर्ण मोहिनी में ढाल देता है।

कविता बैनर्जी ने कहा, “इस लुक का हर एक हिस्सा, चाहे वह कुंडल हो, भारी सिरमुकुट, भारी नेकपीस, नुकीले नाखून, बड़ी सी ड्रेस या फिर ओढ़नी हो, वो हर चीज़ कर्ण मोहिनी की रहस्यमयी और शक्तिशाली छवि को गहराई से दर्शाती है। इस लुक के माध्यम से मैं केवल अलग नहीं दिखती, बल्कि मेरी पूरी आभा ही बदल जाती है। मैं अपनी पूरी टीम की बेहद आभारी हूं, जिनकी मेहनत इस किरदार को इतना भव्य और प्रभावशाली बनाती है।”

‘ दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी ’ उज्जैन की एक लड़की दिव्या की जादुई प्रेम यात्रा के इर्द गिर्द घूमती है। जो प्रेम से मिलने के बाद रहस्य और अतीत के गहरे भेदों में उलझती है। यह शो प्रेम, रहस्य और अच्छाई-बुराई के द्वंद्व को बेहद दिलचस्प अंदाज़ में प्रस्तुत करता है। मेघा रे, सूरज प्रताप सिंह और कविता बनर्जी इसकी मुख्य भूमिकाओं में नज़र आते हैं।

शो दिव्य प्रेम: प्यार और रहस्य की कहानी हर रात 8:30 बजे, सोमवार से रविवार केवल सन नियो पर प्रसारित होता है।

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