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सूक्ष्म ऋण संस्थानों के लिए कर्ज पर क्रेडिट गारंटी योजना-2.0 की तिथि, राशि का विस्तार

नयी दिल्ली, 10 जून (वार्ता) केंद्र ने गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और माइक्रो फाइनेंस संस्थाओं को सूक्ष्म राशि के कर्ज देने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से दी जाने वाली ऋण सहायता के लिए क्रेडिट गारंटी योजना-2.0 (सीजीएसएमएफआई-2.0) की वैधता तिथि 31 अगस्त तक बढ़ाने तथा अपेक्षाकृत बड़े कर्जों के लिए भी गारंटी देने का निर्णय किया है।
इस योजना के तहत कुल 20,000 करोड़ रुपये के कर्ज के लिए गारंटी प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्रालय ने इस स्कीम की तिथि बढ़ाने का फैसले की जानकारी देते हुए बुधवार को कहा कि गारंटी राशि का कोटा बढ़ी तिथि से पहले खत्म हो जाता है तो स्कीम वहीं समाप्त हो जाएगी।
मंत्रालय ने कहा है कि इस स्कीम में बड़े आकार की गैर बैंकिग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी)- माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं (एमएफआई) के लिए 1000 करोड़ रुपये तक के कर्ज पर गारंटी दी जा सकती है। पहले कर्ज की सीमा 300 करोड़ रुपये तक थी। कर्ज सीमा में यह वृद्धि ऐसी संस्थानों की प्रबंधनाधीन सम्पत्तियों (एयूएम) की कुल 20 प्रतिशत की सीमा के भीतर लागू होगी।
सरकार का कहना है कि समय के बढ़ने तथा बड़े आकार की इकाइयों को इसके दायरे में बड़ी संस्थाओं को शामिल करने से से योजना का बेहतर उपयोग होने की संभावना है। इससे माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी। यह योजना गत 20 मार्च को शुरू की गयी थी। इस योजना का उद्देश्य बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों को, नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड के माध्यम से, ऐसी कर्ज सहायता पर संभावित हानियों के विरुद्ध गारंटी कवरेज प्रदान करना है जो वे गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी–माइक्रोफाइनेंस संस्थानों को आगे छोटे उधारकर्ताओं को ऋण देने के लिए उपलब्ध कराते हैं। इस समय इस योजना के अंतर्गत कुल 770 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत छोटे एनबीएफसी-एमएफआई के लिए डिफॉल्ट हुई राशि का 80 प्रतिशत , मध्यम आकार के एनबीएफसी-एमएफआई के लिए 75 प्रतिशत राशि बड़े आकार के एनबीएफसी-एमएफआई के लिए डिफाल्ट राशि के 70 प्रतिशत तक के लिए गारंटी दी जाती है।
इस योजना में गारंटी शुल्क 0.50 प्रतिशत वार्षिक रखा गया है जो पहले वर्ष के लिए पूरी स्वीकृत ऋण राशि तथा उसके बाद बकाया राशि पर लागू होगा। गैर बैंकिग वित्तीय संस्थानों और माइक्रो फाइनेंस संस्थानों को ब्याज दर बाहरी मानक दर आधारित ब्याज (ईबीएलआर) या धन की सीमांत लागत आधारित दर (एमएसीएलआर) से ज्यादा से ज्यादा 2 प्रतिशत अधिक रखी जाएगी। ये संस्थान छोटे उधारकर्ताओं को अपनी ब्याज दर को पिछले छह महीनों की औसत ऋण दर से एक कम तक रखेंगे।
मनोहर जितेन्द्र
वार्ता
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12 Jul 2026 | 1:34 PM

मुंबई, 12 जुलाई (वार्ता) घरेलू शेयर बाजारों में पिछले सप्ताह प्रमुख सूचकांकों में रही गिरावट के बाद आने वाले सप्ताह में निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही परिणामों पर रहेगी। अगले सप्ताह कई दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजे आने हैं। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, भेल, टेक महिंद्रा, विप्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के पहली तिमाही के परिणाम 13 जुलाई से 18 जुलाई के बीच जारी किये जायेंगे। इन कंपनियों के परिणामों का सीधा असर उनके शेयरों और पूरे बाजार पर दिखेगा।

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नयी दिल्ली, 12 जुलाई (वार्ता) घरेलू थोक जिंस बाजारों में बीते सप्ताह चावल का औसत भाव घट गया। वहीं, गेहूं और चीनी में तेजी रही जबकि दालों और खाद्य तेलों में उतार-चढ़ाव का रुख देखा गया।.

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पेरू के साथ व्यापार में आ रही है विविधता और मजबूती: वाणिज्य मंत्रालय

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