Saturday, Aug 8 2026 | Time 03:32 Hrs(IST)
राज्य » गुजरात / महाराष्ट्र


महाराष्ट्र एमएलसी सदाभाऊ खोत के नीट प्रदर्शनकारियों को आतंकवादी कहने से राजनीतिक आक्रोश

मुंबई, 21 जुलाई (वार्ता) महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय तूफान खड़ा हो गया जब किसान नेता और एमएलसी सदाभाऊ खोत ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले में विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं उम्मीदवारों पर तीखा ज़ुबानी हमला करते हुए उन्हें "आतंकवादी" करार दिया।
श्री खोत ने अपने भड़काऊ बयानों में सरकार से लोकतांत्रिक तरीकों से इन प्रदर्शनकारियों को कुचलने की मांग की थी। इन बयानों की न केवल विपक्ष ने कड़ी निंदा की है बल्कि सत्ताधारी गठबंधन के भीतर भी मतभेद उत्पन्न हो गए हैं।
श्री खोत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की बढ़ती मांगों के बीच ज़ोरदार तरीके से उनका बचाव किया। श्री खोत ने एक गहरी साज़िश का आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षा में हुई गड़बड़ियों से श्री प्रधान का कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने विपक्षी इंडिया गठबंधन और महाविकास अघाड़ी पर आरोप लगाया कि वे इस आंदोलन की आड़ में इसका उपयोग राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अराजकता फैलाने के लिए कर रहे हैं। श्री खोत ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं से जुड़े कुछ सोशल मीडिया हैंडल आम युवाओं को भड़काकर बनावटी अशांति फैलाने के लिए आग में घी डालने का काम कर रहे हैं।
एक विवादित नारा "केंद्र में नरेंद्र, राज्य में देवेंद्र, और शिक्षा में धर्मेंद्र" गढ़ते हुए श्री खोत ने दावा किया कि चल रहे प्रदर्शन आतंक जैसी स्थितियों को दर्शाते हैं जो देश को अस्थिर करने के लिए आयोजित किए गए हैं।
इन टिप्पणियों का तुरंत उल्टा असर हुआ है और इसने राजनीतिक विरोधियों और सहयोगियों सभी को एकजुट होकर तीखी प्रतिक्रिया देने पर मजबूर कर दिया है।सत्ताधारी गठबंधन से अलग राय रखते हुए, शिवसेना एमएलसी बच्चू कडू ने श्री खोत के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना एवं खतरनाक बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि स्थानीय युवाओं एवं प्रदर्शनकारी छात्रों को आतंकवादी करार देने के गंभीर राष्ट्रीय परिणाम हो सकते हैं और श्री कडू ने साफ तौर पर मांग की कि इन बयानों को तुरंत वापस लिया जाए।
स्वाभिमानी पक्ष के प्रमुख एवं पूर्व सहयोगी राजू शेट्टी ने श्री खोत को कार्यकर्ता वाले पुराने दिनों की याद दिलाई। श्री शेट्टी ने मावल किसान आंदोलन के दौरान श्री खोत के पुराने भाषणों का उल्लेख किया जब उन्होंने खुद श्री खोत को परेशान किसानों की अगुवाई करने के लिए भेजा था और उन्हें चुनौती दी कि आम नागरिकों एवं किसानों के बच्चों को चरमपंथी करार देने से पहले वे अपने पुराने टेप सुनें।
कांग्रेस के विजय वडेट्टीवार समेत विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने इस अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की एवं बिना शर्त सार्वजनिक माफ़ी की मांग की और लोकतांत्रिक असहमति के प्रति सत्ता पक्ष की बढ़ती असहिष्णुता की ओर इशारा किया।
अभय जितेन्द्र
वार्ता
More News

कथित आपत्तिजनक ऑडियो क्लिप मामले में भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री विजय चौधरी गिरफ्तार

07 Aug 2026 | 11:42 PM

मुंबई, 07 अगस्त (वार्ता) सोशल मीडिया पर वायरल हुई कथित ऑडियो क्लिप के मामले में महाराष्ट्र के नंदुरबार स्थानीय अपराध शाखा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व प्रदेश महामंत्री विजय चौधरी को गुरुवार रात धुले रोड से हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से नंदुरबार सहित पूरे महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में भारी हड़कंप मच गया है।.

see more..

पृथ्वीराज चव्हाण ने देवेंद्र फडणवीस को केंद्रीय मंत्री बनाए जाने की अटकलों पर जताई आपत्ति

07 Aug 2026 | 11:28 PM

मुंबई, 07 अगस्त (वार्ता) महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने उन अफवाहों पर नाराजगी जताई है, जिनमें दावा किया जा रहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में नयी दिल्ली बुलाया जा सकता है।.

see more..

अमित शाह मुंबई दौरे में सम्मेलन को करेंगे संबोधित, एनयूसीएफडीसी के नए कार्यालय का करेंगे उद्घाटन

07 Aug 2026 | 10:41 PM

मुंबई, 07 अगस्त (वार्ता) केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को यहां 'नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन' के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करेंगे। .

see more..

राकांपा के राजनीतिक सलाहकार नहीं बनेंगे प्रशांत किशोर - तटकरे

07 Aug 2026 | 8:45 PM

मुंबई, 7 अगस्त (वार्ता) महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने शुक्रवार को उन अटकलों को खारिज कर दिया कि चुनाव रणनीतिकार एवं जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर राकांपा के राजनीतिक सलाहकार के रूप में काम करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी किसी नियुक्ति की कोई जानकारी नहीं है।.

see more..

पॉश अधिनियम लागू न करने पर महाराष्ट्र में 672 कार्यालयों को नोटिस जारी

07 Aug 2026 | 8:41 PM

कोल्हापुर/सिंधुदुर्गनगरी, 07 अगस्त (वार्ता) महाराष्ट्र राज्य आंतरिक समिति (एसआईसी) ने पॉश अधिनियम-2013 (कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष अधिनियम) से संबंधित आवश्यकताओं को पूरा न करने के लिए 294 सरकारी और 378 निजी सहित 672 कार्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।.

see more..