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महाराष्ट्र: सीजेपी प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए आदित्य ठाकरे ने सरकार की कड़ी निंदा की

मुंबई, 21 जुलाई (वार्ता) शिवसेना (यूबीटी) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने निरंकुशता के बढ़ते खतरों के प्रति आगाह करते हुए केंद्र और राज्य सरकार दोनों पर तीखा हमला बोला है।
यह निंदा नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं, छात्रों और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज तथा मुंबई में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ के बाद आई है।
श्री ठाकरे ने मुंबई के चैत्यभूमि में नाबालिग प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी चेतावनी जारी करते हुए कहा, "दिल्ली की सड़कों पर कल छात्रों पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज ब्रिटिश शासन के दौरान देखे गए अत्याचारों से भी अधिक भयानक था।"
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने रेखांकित किया कि श्री वांगचुक और श्री अभिजीत दीपके जैसे कार्यकर्ताओं के साथ हजारों युवा शिक्षा क्षेत्र में जारी घोटालों के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने श्री वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती कराने, विपक्षी सांसदों को उनसे मिलने से रोकने और संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च का जवाब बातचीत के बजाय बर्बरता से देने के लिए प्रशासन की जमकर आलोचना की।
श्री ठाकरे ने जवाबदेही की कमी पर प्रकाश डालते हुए याद दिलाया कि अन्ना हजारे के आंदोलनों के दौरान तत्कालीन सरकार के मंत्रियों ने सक्रिय रूप से खुले संवाद में भाग लिया था। उन्होंने कहा, "लेकिन कल हमने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासन का बेहद संवेदनहीन और भयानक चेहरा देखा।"
दिल्ली में अपनाई गई कार्रवाई पर गहरा आश्चर्य व्यक्त करते हुए श्री ठाकरे ने कहा कि अपने भविष्य के लिए लड़ रहे स्कूली बच्चों को थप्पड़ मारे गए, महिलाओं के साथ मारपीट की गई और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के कर्मियों ने जवाबदेही से बचने के लिए जानबूझकर अपनी नाम की पट्टी हटा दी थी।
श्री ठाकरे ने विरोध से निपटने के तानाशाही तरीके की आलोचना करते हुए कहा कि जिस तरह पहले प्रदर्शनकारी किसानों को 'अर्बन नक्सल' और 'आतंकवादी' कहकर बदनाम किया गया था, उसी तरह अब सरकार ने छात्रों के खिलाफ भी वही तानाशाही मानसिकता दिखाई है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने चैत्यभूमि में मुंबई पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए चेतावनी दी कि उनकी पार्टी नाबालिगों को अवैध रूप से निशाना बनाने के लिए संबंधित थानों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
भारत, मधुकांत
वार्ता
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