Friday, Sep 4 2026 | Time 22:17 Hrs(IST)
राज्य » गुजरात / महाराष्ट्र


राज ठाकरे ने मुंबई-गोवा राजमार्ग, 'थर्ड मुंबई' परियोजना पर उठाए सवाल

रायगढ़, 09 अगस्त (वार्ता) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने रविवार को रायगढ़ दौरे के दौरान मुंबई-गोवा राजमार्ग के निर्माण में दशकों से हो रही देरी और महत्वाकांक्षी 'थर्ड मुंबई' परियोजना की गोपनीय शुरुआत को लेकर महाराष्ट्र सरकार और प्रशासन पर जमकर हमला बोला।
श्री ठाकरे ने राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचाने और स्थानीय भूमि स्वामियों को उनकी ही ज़मीन पर बेगाना बनाने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि वर्तमान सरकार का एकमात्र व्यवसाय महाराष्ट्र की मिट्टी बेचना बन गया है।
मनसे प्रमुख ने राजमार्ग की खराब हालत और हाल ही में बने हिस्से का निरीक्षण करने के बाद कहा कि स्थानीय राजनीतिक दखल के कारण यह परियोजना लंबे समय से अटकी हुई है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ अपनी पुरानी बातचीत को याद करते हुए श्री ठाकरे ने कहा, "गडकरी जी ने एक बार मुझसे कहा था कि ठेकेदार हताश होकर भाग गए। लेकिन मेरा सवाल यह है कि उन ठेकेदारों को भागने पर किसने मजबूर किया?" उन्होंने कहा कि घटिया निर्माण कार्य के कारण सड़कों की नई परतें भी अभी से उखड़ने लगी हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और डेटा हब बनाने की परियोजना 'थर्ड मुंबई' पर सवाल उठाते हुए श्री ठाकरे ने कहा कि इसमें पारदर्शिता की बहुत कमी है।
श्री ठाकरे ने कहा, "क्या महाराष्ट्र की जनता जानती है कि यहाँ क्या हो रहा है? स्थानीय किसानों और ज़मीन मालिकों को केवल 'पूर्व ज़मीन मालिक' बनाकर छोड़ दिया जाएगा, जबकि उनकी ज़मीनें छीनकर बाहर के लोग यहाँ बसेंगे।" उन्होंने दावा किया कि राज्य का मौजूदा व्यापार सिर्फ नए शहर बसाने, सड़कें बर्बाद करने और ज़मीन बेचने तक सीमित रह गया है।
मनसे प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी विकास के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को अंधेरे में रखकर और उनकी आजीविका छीनकर किया जाने वाला विकास किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
श्री ठाकरे ने स्थानीय नागरिकों से अपील करते हुए कहा, "यदि आप चाहें तो आने वाले उद्योगों के साथ साझेदारी करें, लेकिन किसी भी स्थिति में अपनी ज़मीनें न बेचें। आपकी ज़मीन ही आपकी वास्तविक पहचान है।"
राज्य की वर्तमान शासन प्रणाली पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए श्री ठाकरे ने 'पालक मंत्रियों' की भूमिका को पूरी तरह से बेकार बताया। उन्होंने कहा कि बजटीय आवंटन के बावजूद स्थानीय स्थितियाँ जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने नागरिकों से सत्ता में बैठे लोगों को बेदखल करने का आह्वान करते हुए कहा कि वास्तविक बदलाव तभी आएगा जब मतदाता वर्तमान नेतृत्व को तगड़ा झटका देंगे।
भारत, मधुकांत
वार्ता
More News

मुंबई में मेट्रोरेल के पांच भूमिगत स्टेशनों को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल से 'हरित-भवन' का प्रमाण-पत्र

04 Sep 2026 | 9:02 PM

मुंबई, 4 सितंबर (वार्ता) इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) ने मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की लाइन-3 के पांच भूमिगत मेट्रो स्टेशनों के लिए एक ग्रीन बिल्डिंग प्रमाण पट्टिका प्रदान की है।.

see more..

मराठा आरक्षण पर टिप्पणी को लेकर जरांगे ने भुजबल को दिया जवाब

04 Sep 2026 | 8:49 PM

जालना, 04 सितंबर (वार्ता) महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबल के बयानों और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण से जुड़े उनके रुख पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि अपने राजनीतिक फायदे के लिए वे ओबीसी मुद्दे का इस्तेमाल कर रहे हैं। .

see more..

शरद पवार ने सामाजिक कार्यकर्ता बापट पर हमले की निंदा की

04 Sep 2026 | 8:12 PM

पुणे, 4 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने सामाजिक कार्यकर्ता विद्यानंद बापट पर हुए कथित हमले की निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र और मौलिक अधिकारों पर हमला बताया है। श्री बापट ने गणेशोत्सव के दौरान तेज़ आवाज़ वाले डीजे के इस्तेमाल और दूसरी तरह की गड़बड़ियों का विरोध किया था।.

see more..

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन 18 सितंबर को करेंगे 'पुणे फेस्टिवल' का उद्घाटन

04 Sep 2026 | 7:27 PM

पुणे, 4 सितंबर (वार्ता) उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन महाराष्ट्र के पुणे में कला, संस्कृति के मशहूर उत्सव 'पुणे फेस्टिवल' के 38वें संस्करण का उद्घाटन 18 सितंबर को करेंगे। .

see more..

अंदरूनी खींचतान की वजह से प्रधानमंत्री मोदी कैबिनेट में बदलाव नहीं कर पा रहे: राउत

04 Sep 2026 | 7:23 PM

कोल्हापुर, 04 सितंबर (वार्ता) शिवसेना (यूबीटी) नेता और सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय कैबिनेट में बड़े बदलाव करना चाहते हैं लेकिन अंदरूनी खींचतान के कारण ऐसा करना उनके लिए संभव नहीं है। .

see more..