नयी दिल्ली, 11 जून (वार्ता) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के स्टील प्लांट में हुए भीषण विस्फोट में आठ श्रमिकों की मौत के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।
एनएचआरसी ने गुरुवार को यहां बताया कि आयोग ने इस मामले को मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन से जुड़ा बताते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
आयोग ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह दुर्घटना आठ जून को विशाखापत्तनम स्टील प्लांट के 'स्टील मेल्टिंग शॉप' में हुई। ऐसा बताया गया है कि लगभग 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान पर करीब 150 टन पिघला हुआ इस्पात ले जा रहा एक 'लैडल' अचानक विस्फोट का शिकार हो गया। इसके बाद पिघला हुआ इस्पात कार्यस्थल पर फैल गया, जिससे वहां मौजूद श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गये।
श्रमिक यूनियन ने आरोप लगाया है कि प्लांट प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों और आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी की, जिसके कारण यह गंभीर हादसा हुआ। एनएचआरसी ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्टों में बताए गए तथ्य सही पाए जाते हैं, तो यह मामला श्रमिकों के मानवाधिकारों और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंताओं को उजागर करता है।
आजाद उप्रेती वार्ता