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मोदी के नाम ज्ञापन सौंपने जा रही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका

देहरादून 14 अप्रैल (वार्ता) उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपने जा रही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन ने देहरादून के कारगी आईएसबीटी रोड स्थित मध्य ब्राह्मणवाला चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
इस दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक के साथ झड़प की स्थिति उत्पन्न हो गई। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री गो बैक के नारे लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
इस संबंध में जारी बयान में प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उत्तराखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिल पाया है, वहीं सीबीआई जांच में हो रही देरी ने जनता के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जबकि सरकार इस दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है।
इसके साथ ही निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि और शिक्षा के बढ़ते व्यापारीकरण ने अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन और भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, जबकि युवा बेरोजगारी के चलते निराश हैं और पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं।
एलपीजी गैस की कमी से आम जनता के साथ-साथ होटल एवं पर्यटन व्यवसाय से जुड़े व्यापारी गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। आगामी चार धाम यात्रा को देखते हुए यह स्थिति और भी चिंताजनक बन गई है।
उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीण एवं पहाड़ी क्षेत्रों में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता में भय का माहौल व्याप्त है और लोग अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन ज्वलंत मुद्दों पर सरकार ने शीघ्र ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो महिला कांग्रेस प्रदेशभर में उग्र और व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
सं , जांगिड़
वार्ता
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