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स्कूल छोड़ने की दर को कम करने के लिए ओडिशा के डोर-टू-डोर सर्वेक्षण की प्रधान ने की सराहना

भुवनेश्वर, 19 मई (वार्ता ) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 0-18 वर्ष की आयु के बच्चों के बीच ड्रॉपआउट दरों को कम करने के लिए ओडिशा के विद्यालय एवं मास शिक्षा विभाग की ओर से किए जा रहे डोर-टू-डोर सर्वेक्षण की बहुत प्रशंसा की है।
श्री प्रधान ने सोमवार को कहा कि स्कूल से बाहर होने वाले बच्चों की पहचान करने को लेकर किया जा रहा सर्वेक्षण एक सराहनीय कदम है और इन बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा में फिर से शामिल करने के राज्य सरकार के प्रयासों में एक मॉडल पहल के रूप में काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में बच्चों की मातृभाषा, दिव्यांग बच्चों की संख्या और आगामी शैक्षणिक वर्ष में विद्यार्थियों के नामांकन के अनुमानों सहित महत्वपूर्ण डेटा भी एकत्र किया जाएगा। उन्होंने राज्य में स्कूली शिक्षा के कई प्रमुख पहलुओं का आकलन किया, जिनमें स्कूल कवरेज, बुनियादी ढांचे का विकास, राष्ट्रीय पाठ्यक्रम के अनुरूप पाठ्यपुस्तक और शिक्षण सामग्री तैयार करना, शिक्षक कौशल विकास और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की कार्यान्वयन स्थिति शामिल है।
बैठक में ओडिशा के स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, केंद्रीय शिक्षा सचिव संजय कुमार, ओडिशा की स्कूल एवं जन शिक्षा सचिव शालिनी पंडित, ओएसईपीए की राज्य परियोजना निदेशक अनन्या दास और केंद्र तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। चर्चा में ओडिशा में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के सफल कार्यान्वयन और राज्य भर में एनईपी 2020 को तेजी से लागू करने के लिए की गई विभिन्न पहलों पर ध्यान केंद्रित किया गया। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, ओडिशा भर के प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में स्थापित किए जा रहे नर्सरी स्कूलों के प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए एक संचालन समिति का गठन किया गया है। समिति राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुरूप राज्य पाठ्यक्रम के विकास की भी देखरेख करेगी।
मुख्य विषयों में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक बुनियादी ढांचे का समग्र विकास, पीएम श्री योजना का सफल कार्यान्वयन, नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की व्यापक पहुंच, प्री-स्कूल शिक्षा पर जोर, पाठ्यपुस्तक विकास में ओडिशा का योगदान और आईसीटी तथा डिजिटल शिक्षा का विस्तार शामिल है। इसके साथ ही यह भी ध्यान दिया गया कि इस शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत से, मुख्यमंत्री पोषण योजना को पीएम पोषण पहल के साथ एकीकृत किया जाए। इस कार्यक्रम के तहत, नर्सरी से कक्षा 10 तक के छात्रों को मध्याह्न भोजन, सप्ताह में तीन दिन पौष्टिक लड्डू और एक अतिरिक्त अंडा दिया जा रहा है।
संतोष अशोक
वार्ता
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