Tuesday, Aug 18 2026 | Time 14:28 Hrs(IST)
राज्य » अन्य राज्य


अरुणाचल कर्मचारी संघ ने राज्य कर्मचारियों के लिए सीईए एवं टीए लागू करने की मांग की

ईटानगर, 08 जुलाई (वार्ता) अरुणाचल प्रदेश कर्मचारी कल्याण महासंघ ने राज्य सरकार से पात्र राज्य कर्मचारियों के बच्चों का शिक्षा भत्ता (सीईए) एवं परिवहन भत्ता (टीए) लागू करने का यह कहते हुए आग्रह किया है कि छठे एवं सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के लाभ अभी तक लागू नहीं किये गये हैं जबकि राज्य सरकार ने वेतन पैनल की सिफारिशें अपना ली हैं।
अरुणाचल प्रदेश सरकार में वित्त विभाग आयुक्त को सौंपे गए एक विस्तृत ज्ञापन पत्र में संघ ने सरकार से अनुरोध किया कि वह 15 दिनों के भीतर दोनों भत्तों को स्वतः लागू करे।
संघ ने कहा कि भले ही अरुणाचल प्रदेश ने 2008 में छठे केंद्रीय वेतन आयोग और 2016 में सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया लेकिन इस दौरान पात्र राज्य सरकार के कर्मचारियों को कथित रूप से सीईए एवं टीए नहीं दिया गया है।
शिक्षकों के एक संगठन की ओर से 'सूचना का अधिकार अधिनियम' के अंतर्गत प्राप्त दस्तावेज़ों का हवाला देते हुए, एपीईडब्ल्यूएफ ने दावा किया कि वित्त विभाग ने 2010 में छठे सीपीसी के तहत विभिन्न भत्तों को लागू करने से होने वाले अतिरिक्त वित्तीय व्यय का आकलन लगभग 350.47 करोड़ रुपये किया था।
संघ ने यह भी बताया कि राज्य और कुछ राज्य संस्थानों में काम करने वाले अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए सातवें सीपीसी के तहत संशोधित भत्ते लागू कर दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने तर्क दिया कि इसी तरह के पात्र राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ भी समान व्यवहार किया जाना चाहिए। दोनों भत्तों को लागू करने से जुड़े उच्च न्यायालय में चल रहे अवमानना मामले की कार्यवाही का हवाला देते हुए, एपीईडब्ल्यूएफ ने कहा कि यह मुद्दा बड़ी संख्या में पात्र कर्मचारियों को प्रभावित करता है और इस पर सरकार को तुरंत ध्यान देना चाहिए।
संघ के अनुसार, बच्चों का शिक्षा भत्ता नौकरी से जुड़ा हुआ एक लाभ है जिसका मकसद कर्मचारियों को उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद करना है; वहीं परिवहन भत्ता का उद्देश्य सरकारी काम के दौरान आने-जाने में हुए खर्च की भरपाई करना है।संघ का कहना है कि छात्रों के लिए वज़ीफ़ा, पुस्तक अनुदान और छात्रवृत्ति जैसी कल्याणकारी योजनाओं को सीईए का विकल्प नहीं माना जा सकता क्योंकि इनके मकसद अलग-अलग होते हैं और ये अलग-अलग योजनाओं के अंतर्गत आती हैं।
एपीईडब्ल्यूएफ ने आगे यह तर्क दिया कि राज्य ने अरुणाचल प्रदेश कानून अनुकूलन संरचना के अंतर्गत पहले ही कई केंद्रीय सिविल सेवाएं नियम अपना लिए हैं जो राज्य कर्मचारियों को केंद्रीय सेवा का लाभ देने के लिए लगातार अपनायी जा रही नीति को दर्शाता है।
संघ ने सरकार से आग्रह किया कि वह लागू सरकारी आदेशों एवं केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार बिना किसी और देरी किए हुए बच्चों का शिक्षा भत्ता एवं परिवहन भत्ता लागू करे।
अभय अशोक
वार्ता
More News

ओडिशा हाई कोर्ट ने सरकार को बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को तुरंत पर्याप्त नावें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया

18 Aug 2026 | 1:33 PM

भुवनेश्वर, 18 अगस्त (वार्ता) ओडिशा उच्च न्यायालय ने केंद्रपाड़ा जिले के पट्टामुंडई ब्लॉक में बाढ़ प्रभावित गांवों की मदद के लिए राज्य सरकार को पर्याप्त संख्या में नावें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। .

see more..

चकमा नेताओं ने मोदी से किया बंगलादेश को बिजली आपूर्ति रोकने, चटगांव इलाका वापस लेने का आग्रह

18 Aug 2026 | 1:20 PM

अगरतला, 18 अगस्त (वार्ता) पूर्वोत्तर राज्यों के चकमा समुदाय के नेताओं ने केंद्र सरकार से बंगलादेश को की जाने वाली बिजली और ईंधन की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से रोकने और बंगलादेश के चटगांव के पहाड़ी क्षेत्र को वापस लेने का आग्रह किया है। .

see more..
भारी बारिश के बीच नदी में छह छात्रों और गिरे वाहन में फंसे दो लोगों को एसडीआरएफ ने बचाया

भारी बारिश के बीच नदी में छह छात्रों और गिरे वाहन में फंसे दो लोगों को एसडीआरएफ ने बचाया

18 Aug 2026 | 12:28 PM

देहरादून 18 अगस्त (वार्ता) उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश, अतिवृष्टि और भूस्खलन की घटनाओं के बावजूद लोग अनावश्यक रूप से नदी और नालों को पार करने में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसे ही दो अलग अलग मामलों में देवदूत कहे जाने वाली राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने एक निजी विश्वविद्यालय के छह छात्रों और एक वाहन में बैठे दो अन्य व्यक्तियों को नदी के तेज बहाव में बहते हुए कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बचाया है। देहरादून 18 अगस्त (वार्ता) उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश, अतिवृष्टि और भूस्खलन की घटनाओं के बावजूद लोग अनावश्यक रूप से नदी और नालों को पार करने में अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। ऐसे ही दो अलग अलग मामलों में देवदूत कहे जाने वाली राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमों ने एक निजी विश्वविद्यालय के छह छात्रों और एक वाहन में बैठे दो अन्य व्यक्तियों को नदी के तेज बहाव में बहते हुए कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बचाया है।

see more..

टिपरा मोथा ने टिपरासा समझौते के क्रियान्वयन को लेकर भाजपा पर बढ़ाया दबाव

18 Aug 2026 | 12:14 PM

अगरतला, 18 अगस्त (वार्ता) त्रिपुरा में सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी टिपरा मोथा ने केंद्र सरकार के साथ हुए टिपरासा समझौते को लागू करने की मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर दबाव बढ़ा दिया है। यह समझौता पिछले लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार के साथ हुआ था।.

see more..

हनूर गोलीबारी मामला : विपक्ष ने की न्यायिक जांच की मांग, सरकार ने कहा- वनकर्मियों ने आत्मरक्षा में चलायी थी गोली

18 Aug 2026 | 12:58 AM

बेंगलुरु, 17 अगस्त (वार्ता) कर्नाटक के हनूर (कावेरी वन्यजीव प्रभाग) के जंगल में हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौत का मामला सोमवार को राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों (विधान परिषद और विधानसभा) में गूंजा। .

see more..